
नयी दिल्ली:नयी दिल्ली के एम्स निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा कि देश को एक बार स्कूलों -कॉलेजो को फिर से खोलने पर केंद्र व राज्य सरकारों को विचार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जबकि हमें स्कूलों को फिर से खोलने पर सहमत हो जाना चाहिए. विदित हो कि देश में अधिकांश स्कूल कोरोना की पहली लहर के बाद से ही बंद हैं. पिछले साल नवंबर से जनवरी के बीच में कुछ दिनों तक कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए कुछ दिनों तक स्कूल खोले गये थे , लेकिन फिर कोरोना की दूसरी लहर की भयावहता को देखते हुए स्कूलों को फिर से बंद कर दिया गया था. डॉ गुलेरिया ने कहा कि चूंकि देश में कोरोना संक्रमण मामले में कमी आई हैं और कुछ खास राज्यों में ही यह सीमित हो गया है. मुझे लगता है कि उन जिलों में जहां कोरोना का संक्रमण कम है वहां के स्थिति से अवगत होकर स्कूलों को खोले जाने की प्रक्रिया शुरु कर देनी चाहिए. डॉ गुलेरिया ने कहा कि अगर संक्रमण फिर से दिखे तो स्कूल बंद किये जा सकते हैं, लेकिन अब स्कूल खोले जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि बच्चों को अल्टरनेट डे पर बुलाया जा सकता है या कुछ और व्यवस्था की जा सकती है. जैसी कि दो शिफ्ट में कक्षा ली जाए,या फिर सरकार के पास और कोई दूसरा विकल्प हो तो उस पर अमल की जाए. उन्होंने कहा कि बच्चों के अंदर इम्युनिटी बहुत अच्छी है.सीरो सर्वे में इसका खुलासा हुआ है कि बच्चों के पास एंडीबॉडीज वयस्क लोगों की अपेक्षा ज्यादा बेहतर होता है, इसलिए खोले स्कूलों को जाने चाहिए. आन लाइन के जरिए पढ़ाई उतनी सार्थक नहीं होती है जितनी की स्कूलों में आफ लाइन होती है.






