नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया. श्रीमता सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करते हुए ध्यान दिलाया कि व्यापार एवं बहुपक्षवाद को खतरे में डालते अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में भी भारत ने अर्थ व्यवस्था को स्थिर बनाये रखा है, दूरगामी ढांचागत सुधार किये हैं एवं आत्मनिर्भरता को प्रमुख उद्देश्य बनाये रखते हुए आयात पर निर्भरता को घटाते हुए आम नागरिकों को इसका लाभ पहुंचाने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और परिवारों की क्रय शक्ति बढ़ाने का प्रयास किया है. इसी के कारण देश 7 फीसदी की विकास दर हासिल कर सका है और लोगों के जीवन स्तर में सुधार आया है. (नीचे भी पढ़ें)

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में स्पष्ट किया कि सरकार विकसित भारत की दिशा में कदम उठाना जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक बाजार के साथ गहनता से जुड़ा रहेगा. वित्त मंत्री ने कहा- कि शहरी क्षेत्रों में आर्थिक ढांचा मजबूत करने के उद्देश्य से रिफॉर्म के कई कदम उठाए हैं. उन्होंने बायो फार्मा के क्षेत्र में ज्ञान, टेक्नोलॉजी और नवाचार के जरिए विकास करने, किफायती दवाइयों पर ध्यान देने एवं भारत को वैश्विक बायो फार्मा हब बनाने पर ध्यान दिये जाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि इस पर अगले पांच साल में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. उन्होंने बताया कि बायो फार्मा के तीन नए राष्ट्रीय संस्थान बनेंगे, जबकि सात मौजूदा संस्थानों को भी अपग्रेड किया जाएगा. (नीचे भी पढ़ें)
इसी तरह सेमी कंडक्टर मिशन के तहत उद्योग आधारित प्रशिक्षण केंद्रों पर ध्यान दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के तहत लक्ष्य का दोगुना हासिल किया जा चुका है. उन्होंने आगे इसमें 40 हजार करोड़ रुपये के खर्च का प्रस्ताव रखा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए छह क्षेत्रों में पहल की जाएगी, जबकि आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए सात क्षेत्रों में पहल किये जाने का प्रस्ताव रखा, जिनमें विरासत के औद्योगिक क्षेत्रों का कायाकल्प करने, चैंपियन एमएसएमई का निर्माण करने, अवसंरचना को सशक्त प्रोत्साहन देने, दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और स्थायित्व सुनिश्चित करने एवं शहरों में आर्थिक क्षेत्र विकसित करने संबंधी कदम शामिल हैं. (नीचे भी पढ़ें)
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में देश में सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की, जिसमें मुंबई पुणे, पुणे हैदराबाद, हैदराबाद बेंगलुरु, हैदराबाद चेन्नई, चेन्नई बेंगलूरु, दिल्ली वाराणसी और वाराणसी सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर शामिल हैं. इसके अलावा उन्होंने बताया कि पांच वर्ष में 20 नए जल मार्ग भी शुरू किये जाएंगे. वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत सुविधा स्थापित होगी एवं समुद्री विमान वीजीएफ योजना की शुरुआत की जाएगी. (नीचे भी पढ़ें)
वित्तमंत्री ने मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाने की भी घोषणा की, जिसमें निजी क्षेत्र की सहभागिता रहेगी. उन्होंने बताया कि इसमें हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स बनेंगे जिनमें आयुष केंद्र, डायग्नोस्टिक, पोस्टर केयर और रीहैब के केंद्र रहेंगे. इससे स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. उन्होंने कहा कि प्राचीन योग पद्धति और आयुर्वेद पर जोर दिया जाएगा तथा तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान बनाए जाएंगे. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि शिक्षा से रोजगार और उद्यम पर फोकस किया जाएगा. विकसित भारत का कोर ड्राइवर सेवा क्षेत्र रहेगा. इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी, जो एआइ समेत प्रौद्योगिकियों से पड़ने वाले असर का आकलन करेगी. पर्यटन उद्योग की चर्चा करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना होगी. 20 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10 हजार गाइड्स के कौशल बढ़ाने की योजना शुरू की जाएगी एवं नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्थापित किया जाएगा. उन्होंने बताया कि धौलावीरा जैसे 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा. खेलों की चर्चा करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि खेलो इंडिया मिशन की स्थापना होगी. अगले 10 वर्षों में इसके तहत काम किया जाएगा. इसके तहत प्रशिक्षण केंद्र बनाए जाएंगे, व्यवस्थित तरीके से कोच और सपोर्ट स्टाफ को प्रशिक्षित किया जाएगा, प्रतियोगिताएं और लीग होंगे एवं खेल ढांचे को प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के लिए विकसित किया जाएगा. (नीचे भी पढ़ें)
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत के लिए डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर की घोषणा की. उन्होंने कहा कि नवंबर 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के लिए एक योजना शुरू की गई थी. उन्होंने कहा कि अब हम ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज समृद्ध राज्यों को डेडिकेटेड रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में मदद करने का प्रस्ताव देते हैं. इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खादी और हस्तशिल्प टेक्सटाइल को मजबूत करने के लिए योजना का प्रस्ताव दिया. उन्होंने बजट में टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और नेशनल हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट्स प्रोग्राम की घोषणा की. वित्त मंत्री ने कहा कि चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव है. उन्होंने कहा कि खादी और हस्तशिल्प टेक्सटाइल को मजबूत करने के लिए योजना बनाई है. इसके तहत महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू की जाएगी. वित्त मंत्री ने बजट भाषण में शहरों में नए इकोनॉमिक जोन बनाने की भी घोषणा की. उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक सुधार की गाड़ी सही रास्ते पर है. (नीचे भी पढ़ें)
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि देश में बायो फार्मा सेक्टर के विकास से देश में कैंसर, डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी. सीतारमण ने 10,000 करोड़ रुपये का एक एसएमई ग्रोथ फंड बनाने की भी घोषणा की. उन्होंने कहा कि सरकार ने भविष्य में नौकरियां पैदा करने और चुनिंदा मानदंडों के आधार पर उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए एक डेडिकेटेड 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा.







