पटना : एसआइआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अब दिल्ली के बाद पटना में भी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. वामपंथी संगठन आइसा और क्रांतिकारी युवा संघ (आरवाइए) ने मंगलवार को पटना के गांधी मैदान से प्रदर्शन किया. हालांकि गृह विभाग की चिट्ठी के जरिए ये पहले ही तय कर दिया गया था कि गर्दनीबाग के अलावा कहीं भी धरना प्रदर्शन कानून के खिलाफ होगा. बावजूद इसके लेफ्ट संगठन के छात्रों ने पटना के गांधी मैदान से ही प्रदर्शन शुरू कर दिया. (नीचे भी पढ़ें)

पुलिस ने छात्रों की भीड़ को देखते हुए एक्सट्रा फोर्स बुलाई और जेपी गोलंबर से लेकर गांधी मैदान को पूरी तरह से घेरे में ले लिया. प्रदर्शनकारियों का इरादा लोक भवन (राज्यपाल भवन) मार्च का था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने गांधी मैदान के आस पास किलाबंदी कर दी. इस दौरान 6 वज्र वाहनों और वाटर कैनन की भी तैनाती कर दी गई. इसके बाद गांधी मैदान की तरफ पुलिस ने अपना सारा ध्यान लगा दिया. लेकिन आइसा और आरवाइए के छात्र कार्यकर्ताओं का भारी जत्था गांधी मैदान से निकल कर जेपी गोलंबर तक पहुंच गया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस में जमकर भिड़ंत शुरू हो गई. प्रदर्शनकारी किसी भी तरह बैरिकेडिंग तोड़ कर आगे बढ़ना चाह रहे थे. कई प्रदर्शनकारी इस दौरान जेपी गोलंबर के पास पुलिस की लगाई गई बैरिकेडिंग तक पहुंच गए और दूसरी तरफ फांदने की कोशिश करने लगे. इसके बाद पुलिस ने इनमें से कुछ प्रदर्शनकारियों को फौरन हिरासत में ले लिया. (नीचे भी पढ़ें)
बिहार की राजधानी पटना में एसआइआर के खिलाफ सड़कों पर एआइएसए, एआइएसएफ, आरवाइए समेत कई संगठनों के छात्र प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर गए. हालांकि पुलिस को इसकी जानकारी समय पर मिल जाने के कारण जेपी गोलंबर के पास ही प्रदर्शनकारियों को रोकने की पूरी तैयारी कर ली गई थी, लेकिन फिर भी प्रदर्शनकारी पुलिस की बैरिकेडिंग पर कई दफे भारी पड़ते दिखे. हालांकि आखिर में पुलिस फोर्स की मजबूती के आगे प्रदर्शनकारी नहीं टिक पाए. पुलिस ने जल्द ही जेपी गोलंबर के पास स्थिति पर काबू कर लिया और प्रदर्शनकारियों को गांधी मैदान की तरफ ही दौड़ा दिया. इस प्रदर्शन में लेफ्ट के पालीगंज विधायक संदीप सौरभ भी शामिल थे.





