गोविंदपुर : पत्नी जुली सिंह को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में पति नितेश कुमार सिंह दोषी
जमशेदपुर : दहेज के लिए पत्नी जुली सिंह को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने मामले में सुनवाई कर रहे जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे – चार राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने गुरुवार को आरोपी पति नितेश कुमार सिंह को दोषी करार दिया हैं. अदालत ने सजा के बिंदू पर 14 अगस्त को सुनवाई करेगी. अपर लोक अभियोजक राजीव कुमार ने बताया कि मामले में 11 लोगों की गवाही हुई थी. 10 फरवरी 2021 को घर में पंखे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. परसुडीह सोपोडेरा निवासी सह जुली के पिता राज बहादुर सिंह ने दामाद नितेश, ससुर सुधीर सिंह, देवर सोनू सिंह और ननद लवली को आरोपी बनाते हुए गोविंदपुर थाने में बेटी को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का प्राथमिकी दर्ज कराई थी. (नीचे भी पढ़े)
इसमें बताया था कि बेटी की शादी टेल्को ट्रक पार्क निवासी सुधीर सिंह के पुत्र नितेश के साथ 4 फरवरी 2016 में शादी हुई थी. शुरूआत से ही ससुराल मे जुली को परिवार के द्वारा प्रताड़ित, मारपीट व धमकी दिया जाता रहा, हमेशा रूपए की मांग किया जाता था. पति शराब पीकर आता था और मारपीट करता था. इस बात को लेकर समझौता भी हुआ पर कोई लाभ नहीं हुआ था. 4 फरवरी 2021 को जुली एवं बच्चचा को पुरी लेकर गया था वहां भी जुली के साथ मारपीट और चार साल की नातनी को भी जान से मारने की धमकी दी गई. ससुराल वाले की प्रताड़ना से जुली ने 10 फरवरी 2021 को गोविंदपुर स्थित आलोक बिहार कोयल ब्लॉक फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. पुलिस ने मामले में नितेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कल जेल भेज दिया था जबकि अन्य आरोपियों को क्लीन चिट दे दिया गया था. (नीचे भी पढ़े)
बिष्टुपुर : टाटा कंपनी से केबुल चुराने के आरोप में दो को तीन-तीन साल का कारावास
टाटा स्टील कंपनी के जमशेदपुर प्लांट से केबुल वायर चुराने के मामले में महज एक माह के भीतर ही जमशेदपुर कोर्ट के सीजेएम निशांत कुमार की अदालत ने आरोपी मोहम्मद सबजान उर्फ साहेबजान एवं राकेश कुमार साह उर्फ शंभू साह को तीन-तीन साल के लिए सश्रम कारावास और दो – दो हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया हैं. अदालत ने आरोपियों की भादवि की धारा 379 में दोषी पाया हैं, जबकि धारा 411 में बरी कर दिया. इस मामले में कुल पांच लोगों की गवाही हुई हैं. घटना 7 जुलाई 2023 की हैं. टाटा स्टील कंपनी के सुरक्षाकर्मी रवि कांत ठाकुर के बयान पर चोरी का मामला बिष्टुपुर थाने में दर्ज कराई गई थी. पुलिस ने उसी दिन एफआईआर दर्ज करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में सौप दिया था.












