
सरायकेला : पिछले दिनों सात अप्रैल को सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल के छोटालाखा स्थित बिहार स्पंज आयरन लिमिटेड कंपनी (बनराज स्टील) में कीलन ब्लास्ट होने से सात मजदूर झुलस गए थे. इससे प्रबंधन की लापरवाही उजागर हुई हैं. घायलों का इलाज जमशेदपुर के टीएमएच में चल रहा है. वहीं, कई मजदूरों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई हैं. बताया जाता है कि घायलों में अब तक दो मजदूर की मौत हो चुकी हैं. गत 12 अप्रैल को टीएमएच में इलाज के दौरान नीमडीह थाना क्षेत्र के सीमा गांव निवासी सुरेश सिंह सरदार की मौत हो गई थी. जिसके बाद 13 अप्रैल को कंपनी प्रबंधन ने मृतक मजदूर के परिजनों को साढ़े आठ लाख रुपये मुआवजा राशि दी. ईचागढ़ विधायक सविता महतो के आवास पर मृतक के परिजन को प्रबंधन ने आठ लाख रुपये का चेक सौंपा और 50 हजार रुपये नकद श्राद्धकर्म के लिए भुगतान किया. मंगलवार को फिर घायल मजदूरों में से एक मजदूर की मौत हो गई. बताया जाता है कि चांडिल थाना क्षेत्र के चालकबेड़ा निवासी मजदूर देवशरण सिंह सरदार की मौत हो गई. बताया जाता है कि मृतक मजदूर देवशरण को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी और समय- समय पर जांच के लिए वह अस्पताल जा रहा था कि इस बीच अचानक तबियत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे अस्पताल ले गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया. इसके बाद पूर्व की भांति ईचागढ़ विधायक सविता महतो के सोनारी-उलियान स्थित आवास पर कंपनी प्रबंधन के अधिकारी पहुंचे और मृतक देवशरण सिंह सरदार के पिता को बुलाया गया. विधायक सविता महतो की मौजूदगी में मृतक के पिता को प्रबंधन की ओर से मुआवजा का चेक सौंपा गया, लेकिन इस बार मुआवजे की रकम कम है. बताया जाता है कि नीमडीह के सीमा गांव के मृतक मजदूर के परिजनों को मुआवजे के तौर पर कुल साढ़े आठ लाख रुपये दिए गए हैं, लेकिन चांडिल के चालक बेड़ा के मृतक मजदूर के परिजन को सात लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है. कीलन ब्लास्ट में सात मजदूर घायल हुए थे, जहां सातों मजदूर एक ही जगह पर कीलन की सफाई कर रहे थे, उस समय घटना घटी है. स्वाभाविक रूप से घटना के समय दोनों मृतक मजदूर भी एक ही जगह पर काम कर रहे थे. इलाज के दौरान आठ दिन के अंतराल में दो मजदूर की मौत हुई हैं, लेकिन दोनों मृतक मजदूर के परिजनों को दी गई राशि में डेढ़ लाख रुपये का अंतर है. इसके चलते कंपनी के प्रबंधन को लेकर चारों ओर चर्चाओं का बाजार गर्म है. इधर, पंचग्राम के लोग भी प्रबंधन पर सवाल खड़े कर रहे हैं. स्वाभाविक तौर पर इस बात की चर्चा होनी ही है. क्योंकि प्रबंधन ने किस मापदंड को आधार बनाकर दो मृतक मजदूर के परिजनों को अलग- अलग राशि का मुआवजा राशि दिया है ? इस संबंध में बिहार स्पंज आयरन लिमिटेड कंपनी के अधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने किसी भी तरह की जानकारी देने से मना कर दिया.













