
जमशेदपुर : गाजियाबाद स्थित एमएलएम कंपनी मैक्सिजोन टच प्राइवेट लिमिटेड, लाखों निवेशकों के करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गया है. जमशेदपुर के लगभग 10000 लोगों ने इस कंपनी से जुड़कर अपनी मेहनत की पूंजी को निवेश किया था. यह कंपनी 22 अगस्त 2019 में गाजियाबाद से अपने बिजनेस की शुरुआत की. इसके एमडी भूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह हैं. कंपनी द्वारा लोगो को गुमराह किया गया. कंपनी निवेशकों को 15 से 18 प्रतिशत प्रति माह उनके इन्वेस्टमेंट के लिए इन्वेस्टमेंट प्रॉफिट प्रदान करती थी. लोगो का विश्वास बने रहे उसके लिए पिछले 2 साल से समय से ये पैसे भी दे रहे थे. लोगों को काफी मुनाफा दिखता था. इसके अलावा समय-समय पर सेमिनार का आयोजन भी करती थी और इस बड़े बड़े सेमिनार में बड़े सेलिब्रिटी जैसे चंकी पांडे, गोविंदा, शक्ति कपूर, भाजपा सांसद और गायक मनोज तिवारी भी कंपनी के ब्रांड एंबेसडर के तौर पर लोगो को कंपनी में निवेश करने की राय देते रहे. जमशेदपुर में बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम में चंकी पांडेय आये थे. जनवरी माह 2022 से, कंपनी ने लोगो को पैसे समय से देना बंद कर दिया. (नीचे देखे पूरी खबर)

कंपनी के लोगों ने कहा कि कंपनी लॉस में चल रही है, तो कभी कहा कि डिजिटल प्रोसेस के कारण पैसे भुगतान करने में वक्त लग रहा है. लोगों का विश्वास बना रहा. लोगों को लगा कि आज नहीं तो कल सबकुछ ठीक हो जायेगा. ऐसा करते करते अप्रैल तक लोगो को गुमराह कर लोगो को ठग कर निकलने की तैयारी में लगा रहा. एमडी भूषण सिंह समय-समय पर इंस्टाग्राम में लाइव आकर लोगो को साथ देने के लिए अपील भी करते थे और लोगों के विश्वास को ढाल बनाकर अपने इस गंदी साजिश को पूरा करने में लगे हुए थे. 18 अप्रैल को सभी राशि ऐप के जरिए विड्रॉल यानी पैसे की निकासी की जाएगी. इसकी घोषणा एमडी द्वारा की गई, लेकिन जब मैक्सिजोन के ऐप से विड्राल नहीं हुआ तब लोगो का आक्रोश बढ़ा. बैंक से पता किए जाने पर यह सामने आया कि भूषण सिंह द्वारा कंपनी के अकाउंट से पिछले 2 महीने से बड़े-बड़े ट्रांजेक्शन अपने परिवार और दोस्तों के बीच किया जा रहा था और अधिक ट्रांजेक्शन के कारण बैंक ने अकाउंट को फ्रीज कर दिया है. परंतु अब तक कंपनी के एमडी एवं उनकी पत्नी का कोई अता पता नहीं है. निवेशक ठगे से महसूस कर रहे है और करोड़ों रुपये गंवा चुके है. अकेले जमशेदपुर में ही लोगों का हजारों का पैसा लेकर यह कंपनी फरार हो चुकी है.















