• Contact Us
  • Terms and Conditions
  • Grievance Redressal
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Cookies Policy
Friday, June 26, 2026
31 °c
Jamshedpur
Sharp Bharat News
  • Home
  • राष्ट्रीय खबरें
  • खबर
  • राजनीति
  • कारपोरेट व यूनियन
  • फाइनांस
  • राशिफल
No Result
View All Result
  • Home
  • राष्ट्रीय खबरें
  • खबर
  • राजनीति
  • कारपोरेट व यूनियन
  • फाइनांस
  • राशिफल
No Result
View All Result
Sharp Bharat News
No Result
View All Result
Home खबर

Saraswati-puja-ब्रह्मा जी की मानस पुत्री हैं विद्या की देवी मांग सरस्वती, जानें कल कब होगी पूजा, क्या है पूजन विधि

Share On FacebookShare on WhatsAppShare on TelegramShare on X

जमशेदपुर : विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती कि पूजा 16 फरवरी को है। इस दिन मां वीणा वादनी का जन्म हुआ था। भगवान ब्रह्मा के मानस पुत्री के रूप में माध माह के, शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि को अवतरित हुई थी मां सरस्वती।
जानें पूजा की विधि व मां सरस्वती की जन्म कथा। ब्रह्मा की पुत्री होने के बाद मां सरस्वती की कैसे हुई शादी। मां सरस्वती के पुत्र का क्या था नाम। क्यों 100 वर्षों तक वन में छुपी रही मां सरस्वती। क्यों कटा ब्रह्मा जी का पांचवां सर। पूजा करने में कौन सी सामग्रियों की पड़ती है जरूरत। पूजा करने का शुभ मुहूर्त, और पूजा करने का अशुभ मुहूर्त, पंचांग व चौधड़िया मुहूर्त के अनुसार। जानें सभी जानकारियां विस्तार से ?
16 फरवरी को अहले सुबह 3:40 से पंचमी तिथि का आगमन हो जाएगा, जो कि अगले दिन 17 फरवरी को सुबह 5:20 बजे समाप्त होगा। उदया काल में पंचमी तिथि पड़ने के कारण वसंत पंचमी महोत्सव 16 फरवरी को विद्याधात्री मां सरस्वती की पूजा होगी। सरस्वती पूजा के दिन सूर्य वक्री होकर कुंभ राशि में और चंद्रमा मीन राशि में रहेगा। सूर्य उत्तरायण दिशा में और योग शुभ है तथा नक्षत्र रेवती रहेगा।

ADVERTISEMENT

वसंत पंचमी से आता है प्राकृतिक में बदलाव
वसंत पंचमी के दिन से ही प्राकृतिक रूप में बदलाव महसूस होने लगता है। इसी दिन से पतझड़ का मौसम खत्म होकर हरियाली प्रारंभ हो जाता है। वसंत को ऋतुओं का राजा माना जाता है। भारतीय गणना के अनुसार वर्ष भर में पड़ने वाली छह ऋतुओं (वसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत, शिशिर) में वसंत को ऋतुराज अर्थात सभी ऋतुओं का राजा माना गया है। पंचमी से वसंत ऋतु का आगमन हो जाता है, इसलिए यह ऋतु परिवर्तन का दिन भी है। इस दिन से प्राकृतिक सौन्दर्य निखरना शुरू हो जाता है। स्वयं श्री कृष्ण ने कहा है कि ऋतुओं में मैं वसंत हूं।’ ऐसी मान्यता हैं कि सृष्टि के प्रारंभ में भगवान श्रीविष्णु जी की आज्ञा से ब्रह्मा ने मनुष्य की रचना की थी।
यह पूरा माह बहुत शांत एवं संतुलित होता है। वसंत ऋतु के दिन मुख्य पांच तत्व अर्थात जल, वायु, आकाश, अग्नि और धरती संतुलित अवस्था में होते हैं और इनका ऐसा व्यवहार प्राकृतिक को सुंदर एवं मनमोहक बनाता है। मसलन इन दिनों ना अधिक बारिश होती है, ना बहुत ठंड और ना ही गर्मी का मौसम होता है। इस दिन से मनमोहक और सुहानी ऋतु का आगमन हो जाता है। वसंत ऋतु में चारों ओर हरियाली ही हरियाली दिखाई पड़ती है। पतझड़ खत्म हो जाता है और चहूओर हरियाली का साम्राज्य कायम हो जाता है।

मां सरस्वती के जन्म की पौराणिक कथा
ब्रह्मांड की संरचना का कार्य शुरू करते समय ब्रह्माजी ने मनुष्य को बनाया, लेकिन उसके मन में दुविधा थी उन्हें चारों तरफ सन्नाटा सा महसूस हो रहा था। तब उन्होंने अपने कमंडल से जल छिड़क कर एक देवी को जन्म दिया है जो उनकी मानस पुत्री कहलायी, जिसे हम सरस्वती देवी के रूप में जानते हैं। इस देवी का जन्म होने पर उनके एक हाथ में वीणा, दूसरे में पुस्तक और तीसरे में माला थी। चौथे हाथ आशीर्वाद देने की मुद्रा में खड़ी थी। उनके जन्म के बाद मां सरस्वती को वीणा वादन करने को कहा गया। तब देवी सरस्वती ने जैसे ही स्वर बिखेरा वैसे ही धरती में कंपन हुआ और मनुष्य को वाणी मिली और धरती की सन्नाटा खत्म हुई। धरती पर पनपे हर जीव, जंतु, वनस्पति और जल धार में एक आवाज शुरू हो गई और तब से चेतना का संचार होने लगा। इसलिए इस दिवस को सरस्वती जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की पूजा करने से मुश्किल से मुश्किल मनोकामना पूरी होती है। पौराणिक मान्यता है कि वसंत पंचमी के दिन ही देवी सरस्वती प्रकट हुई थीं। इसलिए वसंत पंचमी में मां सरस्वती के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। आज के दिन विद्यार्थी, कलाकार, संगीतकार और लेखक आदि मां सरस्वती की उपासना करते हैं। स्वरसाधक मां सरस्वती की उपासना कर उनसे स्वर प्रदान करने की प्रार्थना करते हैं। ब्रह्माजी के अनेक पुत्र और पुत्रियां हुई थी। सरस्वती देवी को शतरूपा, वाग्देवी, वागेश्वरी, शारदा, वाणी और भारती भी कहा जाता है।

ब्रह्माजी का क्यों कटा था सिर, मत्स्य पुराण के अनुसार
मत्स्य पुराण कथा के अनुसार ब्रह्मा के पांच सिर थे। कहा जाता है जब ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की तो वह इस समस्त ब्रह्मांड में अकेले थे। ऐसे में उन्होंने अपने मुख से सरस्वती, सान्ध्य, ब्राह्मी को उत्पन्न किया। ब्रह्मा अपनी ही बनाई हुई रचना, सरवस्ती के प्रति आकर्षित होने लगे और लगातार उन पर अपनी कूदृष्टि डाले रहते थे। ब्रह्मा की दृष्टि से बचने के लिए मां सरस्वती चारों दिशाओं में छिपती रहीं लेकिन वह उनसे नहीं बच पाईं। इसलिए सरस्वती आकाश में जाकर छिप गईं लेकिन अपने पांचवें सिर से ब्रह्मा ने उन्हें आकाश में भी खोज निकाला। प्रजापति ब्रह्मा का अपने ही पुत्री के प्रति आकर्षित होना और उनके साथ संभोग करना अन्य सभी देवताओं के नजरों में अपराध था। सभी ने मिलकर पापों का सर्वनाश करने के लिए शिव से आग्रह किया कि ब्रह्मा ने अपनी पुत्री के लिए यौनाकांक्षाएं रखीं, जोकि एक बड़ा पाप है, ब्रह्मा को उनके किए का फल मिलना ही चाहिए। क्रोध में आकर शिव ने उनके पांचवें सिर को उनके धड़ से अलग कर दिया था।

जाने शिव पुराण के अनुसार
शिव पुराण के अनुसार ब्रह्मा के सर्वप्रथम पांच सिर थे। लेकिन जब अपने पांचवें मुख से उन्होंने सरस्वतीजी, जोकि उनकी पुत्री थी, को उनके साथ संभोग करने के लिए कहा तो क्रोधावश सरस्वती ने उनसे कहा कि तुम्हारा यह मुंह हमेशा अपवित्र बातें ही करता है जिसकी वजह से आप भी विपरीत ही सोचते हैं। इसी घटना के बाद एक बार भगवान शिव, अपनी अर्धांगिनी पार्वती को ढूंढ़ते हुए ब्रह्मा के पास पहुंचे तो पांचवें सिर को छोड़कर उनके अन्य सभी मुखों ने उनका अभिवादन किया, जबकि पांचवें मुख ने अमंगल आवाजें निकालनी शुरू कर दी। इसी कारण वश क्रोध में आकर शिव ने ब्रह्मा के पांचवें सिर को उनके धड़ से अलग कर दिया था।

100 वर्षों तक छुपी रही वन में, हुआ पुत्र मनु
मां सरस्वती ने विशेष आग्रह करने पर ब्रह्मा जी से शादी की और श्रृष्टि की रचना में लग गई। पौराणिक कथा के अनुसार मां सरस्वती ने ब्रह्माजी के साथ 100 वर्षों तक जंगल में पति-पत्नी के रूप में छिप कर रही। ब्रह्मा जी ने मां सरस्वती से सृष्टि की रचना में सहयोग करने का निवेदन किया। इसके बाद सरस्वती के गर्भ से स्वयंभु मनु को जन्म हुआ। ब्रह्मा और सरस्वती की यह संतान मनु को पृथ्वी पर जन्म लेने वाला पहला मानव कहा जाता है। यहीं से मानव जाति का श्रृजन शुरू हुआ।

पूजा सामग्रियों का नाम
चंदन, यज्ञोपवीत, चावल, अबीर, गुलाल, अभ्रक, हल्दी, आभूषण, कपड़ा, नारियल, रोली, सिंदूर, पान के पत्ते, पुष्पमाला, कमलगट्टा, सात तरह के अनाज, कुश, धुर्वा, पंचमेवा, कपूर, घी, दूध, दही, मिठाई, आम का मंजर, गंगाजल, गाय का गोबर, पीपल या तांबा का लोटा और मधु।

सरस्वती पूजा करने का अनेक विधियां
वसंत पंचमी को एक मौसमी त्यौहार के रूप में भिन्न-भिन्न प्रांतीय मान्यता के अनुसार मनाया जाता है। कई पौराणिक कथाओं के महत्व को ध्यान में रखते हुए भी इस त्यौहार को मनाते हैं। इस दिन सरस्वती मां की प्रतिमा की पूजा की जाती है। उन्हें कमल पुष्प और आम का मंजर अर्पित किए जाते हैं। इस दिन वाद्य यंत्रों और पुस्तकों की पूजा होती है।
सरस्वती पूजा के दिन पीले वस्त्र पहने जाते हैं। खेत खलिहान में भी हरियाली का मौसम रहता है। यह पूजा किसानों के लिए भी बहुत महत्व रखता है। इस समय खेतों में पीले सरसों के फूल लहराते रहते हैं। किसान भाई भी फसलों के आने की खुशी में यह त्यौहार मनाते हैं।
वसंत पंचमी के दिन अन्न दान, वस्त्र दान और विद्या सामग्रियों का दान करने वालों से मां सरस्वती खुश होती है। वसंत पंचमी पर गुजरात सूबे में गरबा करके मां सरस्वती की पूजा-अर्चना किया जाता है। यहां खासकर किसान भाई मनाते हैं।
पश्चिम बंगाल में भी इस उत्सव की धूम रहती है। यहां संगीत, कला और नृत्य को बहुत अधिक पूजा जाता है। इसलिए बसंत पंचमी के मौके पर बड़े-बड़े आयोजन किए जाते हैं। जिसमें भजन, नृत्य आदि होते हैं।
वसंत पंचमी के दिन पवित्र स्थलों के दर्शन करने का महत्व रहता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने का महत्व है। काशी, हरिद्वार और प्रयाग सहित अन्य जगहों पर गंगा स्नान करना काफी शुभ होता है। वसंत पंचमी के दिन कई स्थानों पर मेले का आयोजन किया जाता है। जहां पर देशभर के भक्तजन एकत्र होते हैं।
कामदेव और देवी रति की पुरानी कथा का भी महत्व बसंत पंचमी से जुड़ा हुआ है इसलिए इस दिन कई जगहों पर रासलीला उत्सव भी मनाया जाते हैं पतंगबाजी प्रथा पंजाब प्रांत से जुड़ी है वसंत पंचमी के दिन महाराजा रंजीत सिंह पतंग उत्सव का आयोजन करते थे। इस दिन बच्चे दिनभर रंग-बिरंगे पतंग उड़ाते हैं।
यह एक ऐसा पहला त्यौहार है, जिसे मुस्लिम इतिहास में भी मनाया जाने का उल्लेख मिलते हैं। अमीर खुसरो जो कि एक सूफी संत थे। उनकी रचनाओं में भी वसंत की झलक देखने को मिलती है। एतिहासिक प्रमाण के अनुसार वसंत को जामा औलिया की वसंत, ख्वाजा बख्तियार काकी का नाम से भी जाना जाता है। मुगल साम्राज्य में इसे सूफी धार्मिक स्थलों पर मनाया जाता था।

जानें पूजा करने का उचित समय
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:20 से लेकर 1:00 बज के 4 मिनट रहेगा।
पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त
अब जाने पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त कौन सा समय है। विजया मुहूर्त दोपहर 2:30 से लेकर 3:18 तक रहेगा। उसी प्रकार गोधूली मुहूर्त शाम के 6:18 से लेकर 6:42 तक, संध्या मुहूर्त शाम 6:30 से लेकर 7:42 तक, रात का निशिता मुहूर्त रात 12:05 से लेकर 12:30 तक, ब्रह्म मुहूर्त 4:30 से लेकर 5:41 तक और प्रातः काल मुहूर्त 5:07 से लेकर 6:19 तक रहेगा इस दौरान पूजा करना काफी शुभ रहेगा।

पंचांग के अनुसार अशुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार अशुभ मुहूर्त सुबह 9:30 से लेकर 11:00 तक यमगण्ड काल मुहूर्त है। उसी प्रकार गुलिक मुहूर्त 12:30 से 2:00 तक, राहु काल मुहूर्त 3:00 बजे से लेकर 4:30 बजे तक, दुर्मुर्हुत मुहूर्त सुबह 8:34 से लेकर 9:42 तक और वज्य मुहूर्त 3:03 से लेकर शाम 4:50 तक रहे। इस दौरान पूजा करना वर्जित है।

चौघड़िया शुभ मुहूर्त, दिन
वसंत पंचमी के दिन अमृत योग का सुखद संयोग मिल रहा है। अमृत योग दिन के 11:00 बज के 59 मिनट से लेकर 1: 24 मिनट तक रहेगा। इस दौरान मां का पूजा करना काफी शुभ रहेगा। इसके अलावा चर मुहूर्त सुबह 9:07 से लेकर 10:33 तक, लाभ मुहूर्त 10:33 से लेकर 11:59 तक रहेगा। इस दौरान मां सरस्वती का पूजा करना शुभ और फलदाई है।

चौघड़िया अशुभ मुहूर्त, दिन
चौघड़िया मुहूर्त अनुसार सुबह 6:12 से लेकर 7:42 तक रोग मुहूर्त रहेगा। उसी प्रकार उद्वेग मुहूर्त 7:42 से लेकर 9:07 तक, काल मुहूर्त दोपहर के 1:24 से लेकर 2:50 तक और शाम 4:16 से लेकर 5:42 तक एक बार फिर से रोग मुहूर्त का योग बन रहा है। इस दौरान पूजा करना वर्जित है।

चौघड़िया मुहूर्त के अनुसार रात को शुभ और अशुभ समय
चौघड़िया मुहूर्त अनुसार शाम 5:42 से लेकर 7:16 तक काल मुहूर्त रहेगा। इस दौरान पूजा करना वर्जित है। उसी प्रकार सुबह 7:16 से लेकर 8:50 तक लाभ मुहूर्त है, इस दौरान आप पूजा कर सकते हैं। उसी प्रकार सुबह 8:50 से लेकर 10:30 तक उद्वेग मुहूर्त के दौरान भी पूजा करना मना है जबकि 10:00 बज के 24 मिनट से लेकर 11:59 मिनट तक शुभ मुहूर्त है और रात के 11:59 से लेकर 1:33 तक अमृत मुहूर्त है। इस दौरान मां सरस्वती की पूजा और आराधना आप कर सकते है।

[metaslider id=15963 cssclass=””]
Developer

Developer

Related Posts

Jamshedpur mgm hospital : एमजीएम अस्पताल में परिजनों के साथ डॉक्टर का हुआ विवाद, थप्पड़ मारने के बाद माहौल गरमाया
खबर

Jamshedpur mgm hospital : एमजीएम अस्पताल में परिजनों के साथ डॉक्टर का हुआ विवाद, थप्पड़ मारने के बाद माहौल गरमाया

June 26, 2026
Jamshedpur muharram : साकची में निकला मातमी जुलूस, “या हुसैन” की सदाओं से गूंजा इलाका
खबर

Jamshedpur muharram : साकची में निकला मातमी जुलूस, “या हुसैन” की सदाओं से गूंजा इलाका

June 25, 2026
Jamshedpur marwadi yuva manch : मारवाड़ी युवा मंच ने शीतल जल का किया वितरण, निर्जला एकादशी पर हुआ पवन काम
खबर

Jamshedpur marwadi yuva manch : मारवाड़ी युवा मंच ने शीतल जल का किया वितरण, निर्जला एकादशी पर हुआ पवन काम

June 25, 2026
Next Post

Jamshedpur : टेल्को में तेज़ रफ़्तार ट्रेलर पलटी, चालक घायल

Jamshedpur : दिल्ली में विहिप कार्यकर्ता रिंकू शर्मा की हत्या के विरोध में जमशेदपुर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन, मामले की जांच व दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

Jamshedpur : अंतरराष्ट्रीय क्षत्रिय वीरांगना फाउंडेशन ने किया टाटा वर्कर्स यूनियन के सभी पदाधिकारियों का अभिनंदन

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular News

  • Tata steel agm announced : टाटा स्टील की आमसभा 2 जुलाई को होगी, डिविडेंड की होगी घोषणा, tinplate – टिनप्लेट और मेटालिक्स के शेयरधारक सितंबर तक दे सकते हैं राशि निकासी के आवेदन

    Tata steel agm announced : टाटा स्टील की आमसभा 2 जुलाई को होगी, डिविडेंड की होगी घोषणा, tinplate – टिनप्लेट और मेटालिक्स के शेयरधारक सितंबर तक दे सकते हैं राशि निकासी के आवेदन

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • Tata steel wage revision : टाटा स्टील में वेज रिवीजन समझौता अंतिम चरण में, इन मुद्दों पर बनी सहमति, अब कलिंगानगर का भी वेज रिवीजन समझौता का वार्ता तेज, जून होगा फैसला का माह

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • Jamshedpur ranchi highway new project : रांची–टाटा मार्ग को मिलेगी नई रफ्तार, करोड़ो की ओवरले परियोजना को मिली स्वीकृति, इस दिन होगा भूमिपूजन

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • tata steel wage revision : टाटा स्टील के कर्मचारियों के वेज रिवीजन पर वार्ता हुई तल्ख, एनएस ग्रेड का डीए बढ़ाने से इनकार, पुराने ग्रेड का सीलिंग पर ही सीलिंग करने का दे दिया मैनेजमेंट ने प्रस्ताव

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • tata steel wage agreement : टाटा स्टील के कर्मचारियों का वेतन बढ़ोत्तरी का हो गया फैसला, समझौता कुछ घंटो बाद, इन बिंदूओं पर बनी सहमति

    0 shares
    Share 0 Tweet 0

Recommended

Jamshedpur mgm hospital : एमजीएम अस्पताल में परिजनों के साथ डॉक्टर का हुआ विवाद, थप्पड़ मारने के बाद माहौल गरमाया

Horoscope Know Your Day Friday 26th June 2026-राशिफल, जानें कैसा होगा आपका दिन-शुक्रवार 26 जून 2026

Jamshedpur muharram : साकची में निकला मातमी जुलूस, “या हुसैन” की सदाओं से गूंजा इलाका

Jamshedpur marwadi yuva manch : मारवाड़ी युवा मंच ने शीतल जल का किया वितरण, निर्जला एकादशी पर हुआ पवन काम

tatanagar rpf success : टाटानगर स्टेशन से मोबाइल चोरी करते बागबेड़ा का युवक पकड़ाया, यह है मामला

झारखंड का विश्वसनीय न्यूज़ डिजिटल प्लेटफॉर्म। राजनीति से लेकर ज़मीनी मुद्दों तक, हर अपडेट सबसे तेज़ सिर्फ शार्प भारत पर।

Recent Posts

Jamshedpur mgm hospital : एमजीएम अस्पताल में परिजनों के साथ डॉक्टर का हुआ विवाद, थप्पड़ मारने के बाद माहौल गरमाया

Jamshedpur muharram : साकची में निकला मातमी जुलूस, “या हुसैन” की सदाओं से गूंजा इलाका

Jamshedpur marwadi yuva manch : मारवाड़ी युवा मंच ने शीतल जल का किया वितरण, निर्जला एकादशी पर हुआ पवन काम

tatanagar rpf success : टाटानगर स्टेशन से मोबाइल चोरी करते बागबेड़ा का युवक पकड़ाया, यह है मामला

Jamshedpur east mla purnima sahu : यह कुछ हटकर खबर है, जमशेदपुर पूर्वी की बीमार विधायक पूर्णिमा साहू से मिलने पहुंचे विधायक सरयू राय

Jamshedpur road accident : मानगो में भीषण सड़क दुर्घटना में स्कूटी सवार जख्मी, स्कूटी व बाइक के टकराने से घटी दुर्घटना

Whatsapp
Follow our WhatsApp Channel for Live Updates!
  • Contact Us
  • Terms and Conditions
  • Grievance Redressal
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
  • Cookies Policy

Copyright© 2026 Sharp Bharat News

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Home
  • राष्ट्रीय खबरें
  • खबर
  • राजनीति
  • कारपोरेट व यूनियन
  • फाइनांस
  • राशिफल

© 2026 Sharp Bharat News