
जमशेदपुर : जमशेदपुर भाजपा महानगर की ओर से सरयू राय के संरक्षण वाली संस्था युगांतर भारती के खिलाफ शुक्रवार को दिये गये बयान के खिलाफ सरयू राय की पार्टी भारतीय जनतंत्र मोर्चा (भाजमो) ने भी पलटवार किया है. भाजमो के जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि भाजपा जमशेदपुर महानगर के एकाध रघुवरवादी विधायक सरयू राय के ख़िलाफ़ बयान देकर “चोर मचाये शोर” की कहावत चरितार्थ कर रहे हैं. जब-जब रघुवर दास के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच आगे बढ़ती है और श्री दास और जेल के बीच की दूरी दो-चार कदम कम होती दिखती है तब इनके पालतू लोग सरयू राय के ख़िलाफ़ जांच कराने का एक ही बयान दुहराते हैं. सरयू राय ने इनके आरोपों की जांच कराने के लिये केंद्र के गृहमंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री को लिख चुके हैं. रघुवरवादी छुटभैयों को चाहिए कि वे जिनके इशारों पर दुम हिला रहे हैं वे खुलकर सामने आये. बकवास करने वाले पालतू छुटभैये गले में जिस रघुवर दास का पट्टा पहने हुए हैं उनसे कहें के वे सामने आएं. नहीं तो न्यायालय जाकर एसीबी, सीबीआई, राज्य सरकार, केन्द्र सरकार को सरयू राय के ख़िलाफ़ अपने आरोपों की जांच कराने के बाध्य करें. युगांतर भारती पर्यावरण क्षेत्र की अग्रणी स्वयंसेवक संस्था है. यह संस्था हर साल अपनी गतिविधियों का अंकेक्षित लेखा-जोखा पंजीयन महानिरीक्षक को भेजती है. रघुवरवादी पालतू छुटभैये वहां जाकर या आरटीआई डालकर इसे निकाल लें और बता दें कि क्या गड़बड़ी है और सरयू राय का इससे क्या संबंध है. युगांतर भारती से जुड़े लोगों के साथ सरयू राय के निजी एवं संस्थात्मक संबंध जगज़ाहिर हैं और स्पष्ट हैं. यह संस्था श्री राय के पर्यावरण अभियानों में स्वैच्छिक मदद करती है. श्री राय इस संस्था में किसी पद पर नहीं हैं, केवल इसके साधारण सदस्य हैं. इस बारे में संस्था के सचिव आशीष शीतल मुंडा पहले ही समाचार पत्रों को बता चुके हैं और किसी भी तरह की जांच के लिये तैयार हैं. सुबोध श्रीवास्तव ने कहा है कि रघुवरवादी पालतू छुटभैयों को लगता है कि जिस प्रकार रघुवर दास के मुख्यमंत्री बनते ही उनके सुपुत्र एवं अन्य रिश्तेदार एनजीओ बनाकर जमशेदपुर शहर में पोस्टरों, बैनरों की आये दिन झड़ी लगाते और आगे-पीछे पुलिस गाड़ी के बीच सायरन बजाते कोहराम मचाते रहते थे और रघुवर दास के चुनाव हारते ही ऐसे ग़ायब हो गये हैं जैसे गदहे के सिर से सिंग, छुटभैये पालतुओं के लिये मैदान छोड़कर पता नहीं दुम दबाकर कहां दुबके हैं. उनकी नज़र में उसी तरह की परजीवी कोई संस्था युगांतर भारती भी होगी. रघुवर दास और उनके पालतू कतिपय छुटभैये हमारी चुनौती स्वीकार करें कि जिस तरह सरयू राय ने उनके द्वारा लगाये गये आरोपों की जांच कराना स्वीकार किया है, उसी प्रकार वे भी मेनहर्ट घोटाला की जांच में सहयोग करें, खनन घोटाला की जांच के लिये तैयार हों, टॉफ़ी, टी-शर्ट घोटाला की ज़िम्मेदारी स्वीकार करें, सुनिधि चौहान-सूर्यमंदिर घोटाला की जांच के लिये तैयार हों. कम्बल घोटाला और मोमेंटम झारखंड घोटाला की ज़िम्मेदारी स्वीकार करें. श्री दास ऐसा नहीं करेंगे और अपने पालतू छुटभैयों को चिल्ल-पों मचाने के लिये छोड़ देंगे तो भारतीय जनतंत्र मोर्चा जमशेदपुर के सभी मंडलों में उपर्युक्त घोटालों के संबंध में सरयू राय लिखित पुस्तकों और दस्तावेज़ी सबूतों पर परिचर्चा आरम्भ करेगा.




