जमशेदपुर : टाटा स्टील ने बीते वित्तीय वर्ष 2025-2026 में बंपर मुनाफा कमाया है. कंपनी का टर्नओवर से लेकर विशुद्ध मुनाफा भी बढ़ा है. शुक्रवार को टाटा स्टील के निदेशक मंडल (बोर्ड ऑफ डायरेक्टर) की हुई बैठक में इसको मंजूरी दी गयी. इसके अलावा कंपनी के शेयरधारकों के लाभांश (डिविडेंड) की भी घोषणा कर दी गयी. इसके तहत 4 रुपये प्रति सामान्य शेयर की घोषणा की गयी है, जिसका फेस वैल्यू 1 रुपये है. अगर आमसभा में डिविडेंट की राशि को मंजूरी दे दी जाती है तो 6 जुलाई से इसका वितरण किया जायेगा. बोर्ड की बैठक में टीएम इंटरनेशनल लॉजिस्टिक के इक्विटी स्टेक के अधिग्रहण को भी मंजूरी दी गयी. इसके अलावा इस बार की आमसभा 2 जुलाई को आयोजित करने की भी मंजूरी दी गयी. कंपनी की ओर से यह जानकारी दी गयी है कि कंपनी ने बीते वित्तीय वर्ष में 14,026 करोड़ रुपये खर्च किया है जबकि कंपनी ने अपने शुद्ध कर्ज को भी कम किया है. कंपनी का कर्ज घटकर 80144 करोड़ रुपये पहुच गया है, जिसमें वार्षिक आधार पर 2285 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गयी है. टाटा स्टील समूह ने वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 31.67 मिलियन टन स्टील का प्रोडक्शन किया जबकि वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 30.92 मिलियन टन स्टील का प्रोडक्शन किया था. (नीचे भी पढ़ें)
समूह का टर्नओवर पहले 2,18,543 करोड़ रुपये था, जो इस साल बढ़कर 2,32,140 करोड़ रुपये हो गया है. टैक्स देनदारी के पहले की मुनाफा वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 34848 करोड़ रुपये था जबकि वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 25802 करोड़ रुपये रहा. टैक्स देनदारी के बाद का मुनाफा कंपनी का वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 10886 करोड़ रुपये था जबकि वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 3174 करोड़ रुपये रहा. भारत में भी टाटा स्टील ने काफी बेहतर प्रदर्शन किया. आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-2026 में स्टील प्रोडक्शन 23.43 मिलियन टन रहा जबकि वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 21.68 मिलियन टन स्टील का प्रोडक्शन हुआ था. स्टील डिलीवरी वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 22.53 मिलियन टन हुआ था जबकि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 20.94 मिलियन टन रहा था. कंपनी का भारत में टर्नओवर वित्तीय वर्ष 2025 – 2026 में 1,40,302 करोड़ रुपये रहा जबकि वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 1,33,444 करोड़ रुपये रहा. टैक्स देनदारी के पहले की आमदनी वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 34272 करोड़ रुपये रहा जबकि वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 29285 करोड़ रुपये रही थी. टैक्स देनदारी के बाद का मुनाफा वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 13803 करोड़ रुपये था जबकि वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 16,133 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-2026 की खासियत थी बढ़ी हुई भू-आर्थिक अनिश्चितता, जिसमें सप्लाई-चेन और टैरिफ से जुड़ी व्यापारिक रुकावटों ने वैश्विक स्टील बाजारों पर असर डाला. इस पृष्ठभूमि में, परिचालन अनुशासन और लागत में बदलाव पर हमारा लगातार ध्यान हमारे वैश्विक व्यवसायों में प्रदर्शन को बेहतर बनाता रहा. टाटा स्टील इंडिया ने 22.5 मिलियन टन की ‘अब तक की सबसे बेहतरीन’ डिलीवरी दर्ज की. इस वॉल्यूम वृद्धि को ट्यूब्स, टिनप्लेट, कलर्स और वायर्स जैसे क्षेत्रों में बढ़ते डाउनस्ट्रीम पोर्टफोलियो से और मजबूती मिली. यह हमारी उस रणनीति के अनुरूप था जिसके तहत हम चुने हुए उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों में अपनी अग्रणी स्थिति को मजबूत करना चाहते हैं. कलिंगानगर की कंटीन्यूअस एनीलिंग और गैल्वनाइजिंग लाइनों को रिकॉर्ड गति से ग्राहकों की मंजूरी मिली, जिससे ऑटोमोटिव उद्योग के लिए एक पसंदीदा सप्लायर के रूप में हमारी स्थिति और मजबूत हुई.







