जमशेदपुर: जमशेदपुर में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले का खुलासा हुआ. जानकारी के अनुसार, कलेक्ट्रेट के मुख्य प्रवेश मार्ग के पास फोटोकॉपी और दस्तावेज तैयार करने की आड़ में संचालित एक दुकान पर स्थानीय अधिवक्ताओं ने छापेमारी की. इस दौरान कुछ लोगों को पकड़कर बार काउंसिल के पदाधिकारियों के समक्ष पेश किया गया. बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति के पास मौजूद शपथ पत्र और अन्य दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने के बाद अधिवक्ताओं को संदेह हुआ. पूछताछ के बाद वकीलों का एक समूह संबंधित दुकान तक पहुंचा और वहां रखे दस्तावेजों की जांच की. (नीचे भी पढ़ें)

जांच के दौरान कथित रूप से फर्जी एफिडेविट, जाली हस्ताक्षर और नकली मुहरों के इस्तेमाल का मामला सामने आया. छापेमारी के दौरान दुकान से कई संदिग्ध मुहरें, पहले से तैयार शपथ पत्र और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए. अधिवक्ताओं का आरोप है कि यह काम लंबे समय से सुनियोजित तरीके से चल रहा था और बड़ी संख्या में लोगों को कानूनी दस्तावेजों के नाम पर गुमराह किया गया हो सकता है. चौंकाने वाली बात यह रही कि कथित फर्जीवाड़ा डीसी कार्यालय, एसएसपी कार्यालय और परिवहन विभाग कार्यालय के समीप संचालित हो रहा था. (नीचे भी पढ़ें)

इसे लेकर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं. अधिवक्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मिलकर आसपास संचालित अन्य संदिग्ध दुकानों की भी जांच कराने की बात कही है. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित फर्जीवाड़े में कितने लोग शामिल हैं और अब तक कितने नकली दस्तावेज तैयार किए गए हैं







