
जमशेदपुर : देश और दुनिया में कोरोना के नये केस आने के बाद टाटा स्टील ने एक बार फिर से सख्ती बढ़ा दी है. इसको लेकर फिर से नया गाइडलाइन जारी कर दिया गया है. नये गाइडलाइन को लेकर आदेश जारी किये गये है. टाटा स्टील की वीपी एचआरएम अतरई सरकार की ओर से नया आदेश जारी किया गया है. इसके तहत टेस्टिंग और होम आइसोलेशन को फिर से लागू किया गया है. इसके तहत अंतरराज्यीय यात्रा करने वाले कर्मचारियों और परिजनों के लिए नये प्रोटोकॉल के तहत अगर कोई व्यक्ति 72 घंटे के भीतर ही आता और जाता है तो उसको किसी तरह का कोई होम आइसोलेशन नहीं करना होगा. अगर 72 घंटे के बाद कोई ट्रैवल करके आता है या उसके परिवार का कोई सदस्य ट्रैवल करके आता है तो उक्त कर्मचारी को अस्पताल या जीटी 4 हॉस्टल जमशेदपुर में आइसोलेशन रहना होगा. इस दौरान सबको आरटीपीसीआर, ट्रूनेट या रैपिड टेस्ट से होकर गुजरना होगा. जब तक नेगेटिव रिजल्ट नहीं आता है तब तक ड्यूटी ज्वाइन नहीं कर सकते है. टेस्टिंग का खर्चा टाटा स्टील ही वहन करेगी. किसी तरह के परिजन या दोस्त का टेस्टिंग का खर्च कर्मचारी को ही देना होगा. अगर कोई व्यक्ति 72 घंटे पहले टेस्ट करा चुका है और उसकी रिपोर्ट नेगेटिव है तो उसको ड्यूटी करने की इजाजत होगी. कोई कर्मचारी अगर होम आइसोलेशन में होगा तो उनको स्पेशल लीव के अंतर्गत रहना होगा. टाटा स्टील परिसर में घुसने वाले ठेका मजदूर, ठेकेदार, पार्टनर, सप्लायरों को भी बिना कोविड टेस्ट की इंट्री रोक दी गयी है. टाटा स्टील परिसर में सारे कर्मचारियों या ठेका कर्मचारियों का रैपिड टेस्ट स्टीलेनियम हॉल में होता रहेगा जबकि कंपनी परिसर के विभिन्न लोकेशन में भी उनका टेस्ट होता रहेगा. टीएमएच में भी टेस्टिंग की सुविधा है. अगर कोई कर्मचारी पोजिटिव आता है तो जब तक नेगेटिव रिपोर्ट नहीं आती है तब तक होम आइसोलेशन या अस्पताल में रहना होगा. इस दौरान सबको स्पेशल लीव की सुविधा दी जायेगी. इसके अलावा टाटा स्टील ने सारे कांटैक्ट ट्रेसिंग को भी तेज करने को कहा गया है. टीएमएच के चिकित्सक डॉ अनुज भटनागर को तत्काल सारे निर्देश को फिर से जारी करने को कहा गया है ताकि कांटैक्ट ट्रेसिंग की जा सके. सिम्पटोमैटिक यानी लक्षण वाले मरीजों को टाटा स्टील के अस्पतालों में रिपोर्ट देने को कहा गया है. वहीं, अगर कोई कर्मचारी कोरोना टेस्ट कराता है और वह कंपनी के बिजनेस के कार्यों के लिए गया है तो उसका खर्च कंपनी ही वहन करेगी. राज्य सरकारों के गाइडलाइन का भी पालन करने को कहा गया है.







