जमशेदपुर : टाटा स्टील में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट ऑपरेशन जमशेदपुर चैतन्य भानू ने झंडोत्तोलन किया. इस अवसर पर उन्होंने कंपनी के अधिकारियों, कर्मचारियों और शहरवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि टाटा स्टील अपने भारतीय परिचालन के आधुनिकीकरण, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और ग्रीन स्टील उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर निवेश कर रही है. उन्होंने बताया कि झारखंड में विभिन्न परियोजनाओं के तहत कंपनी करीब 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश कर रही है. (नीचे देखे पूरी खबर)
कंपनी भारतीय परिचालन की इस्पात उत्पादन क्षमता को वर्तमान 27.35 मिलियन टन प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 40 मिलियन टन प्रतिवर्ष करने की दिशा में काम कर रही है. निवेश में ग्रीन स्टील उत्पादन और नई तकनीकों को प्राथमिकता दी जा रही है. जमशेदपुर में हिसारना और इजीमेल्ट तकनीक से जुड़ी परियोजनाओं पर करीब 7 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है. नीदरलैंड में करीब एक दशक तक तकनीकी परीक्षण के बाद जमशेदपुर में एक मिलियन टन क्षमता वाला हिसारना पायलट प्लांट स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है. (नीचे देखे पूरी खबर)

इससे कार्बन उत्सर्जन में करीब 20 प्रतिशत तक कमी और भारतीय कोकिंग कोल के बेहतर उपयोग की उम्मीद है।वहीं, टिनप्लेट कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड में नई एक्स्ट्रा लाइन के लिए करीब 2,500 से 2,600 करोड़ रुपये तथा कॉम्बी मिल के विस्तार के लिए करीब 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इन परियोजनाओं से करीब 2 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है. नई तकनीक के संचालन और रखरखाव के लिए कर्मचारियों को देश-विदेश में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. प्लांट में बढ़ रहा डिजिटल तकनीक का इस्तेमालटाटा स्टील उत्पादन और सुरक्षा व्यवस्था को डिजिटल तकनीक से जोड़ने पर तेजी से काम कर रही है. प्लांट की मशीनों में आधुनिक सेंसर लगाए जा रहे हैं, जिनसे मशीनों की स्थिति और वाइब्रेशन की जानकारी रियल टाइम में मोबाइल पर प्राप्त की जा सकती है. (नीचे देखे पूरी खबर)

इससे संभावित खराबी का पहले ही पता लगाकर ब्रेकडाउन को कम करने में मदद मिल रही है. सिंटर और पेलेट प्लांट समेत कई क्षेत्रों में रिमोट कंट्रोल व्यवस्था विकसित की जा रही है. इससे कर्मचारियों को खतरनाक क्षेत्रों में लगातार मौजूद रहने की जरूरत कम होगी. कंपनी के अनुसार, प्लांट में 800 से अधिक एआई मॉडल और एल्गोरिदम का इस्तेमाल सुरक्षा जोखिमों और संभावित घटनाओं का पूर्वानुमान लगाने के लिए किया जा रहा है. सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए टाटा स्टील प्लांट परिसर में दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर चरणबद्ध तरीके से रोक लगाने की तैयारी कर रही है. (नीचे देखे पूरी खबर)

प्रबंधन का मानना है कि प्लांट की सड़कों पर भारी वाहनों की आवाजाही और यातायात व्यवस्था को देखते हुए यह कदम दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. हालांकि, व्यवस्था लागू करने से पहले यूनियन प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के साथ बातचीत की जा रही है. कंपनी प्रबंधन का प्रयास है कि कर्मचारियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आपसी सहमति से इस बदलाव को लागू किया जाए.




