जमशेदपुर : टाटा स्टील के कलिंगानगर प्लांट (ओडिशा) में कर्मचारियों के वेज रिवीजन को लेकर फैसला नहीं होने के खिलाफ कर्मचारियों में ऊबाल है. इस मामले को लेकर टाटा स्टील कलिंगानगर यूनाइटेड यूनियन की ओर से एक लिखित शिकायत ओडिशा के जाजपुर रोड रेंज स्थित ओडिशा के अतिरिक्त रजिस्ट्रार ट्रेड यूनियन सह संयुक्त श्रम आयुक्त से लिखित तौर पर शिकायत की है. इस शिकायत में श्रम विभाग से मामले में हस्तक्षेप करने और तत्काल कर्मचारियों का वेज रिवीजन समझौता कराने की मांग की गयी है. इस मसले को लेकर तीन पन्ना का पत्र भी सौंपा गया है. इसमें बताया गया है कि मैनेजमेंट को 9 अप्रैल 2026 को ही चार्टर्ड ऑफ डिमांड सौंप दिया गया है. लेकिन आज दो साल हो चुके है, लेकिन उनका लंबित वेज रिवीजन समझौता नहीं हो पाया है. (नीचे भी पढ़ें)
वेज रिवीजन समझौता एक जनवरी 2026 से ही लंबित हो गया है. ऐसे में कर्मचारियों को लगातार नुकसान हो रहा है. इस नुकसान की भरपायी कराने और तत्काल वेतन बढ़ोत्तरी का समझौता कराने की मांग की गयी है. इसमें बतयाा गया है कि 2019 में सात साल के लिए समझौता हुआ था, जो एक जनवरी 2026 को समाप्त हो गया. यह कहा गया है कि जब टाटा मोटर्स जैसी कंपनी द्वारा वेज रिवीजन का समझौता पहले ही हो सकता है तो फिर एक्सपायर होने के बाद तक समझौता क्यों टाटा स्टील में लटकाया जाता है. जाहिर सी बात है कि इसके बाद से अब ओडिशा के श्रम विभाग की ओर से कार्रवाई की जायेगी. वहीं, टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट में भी करीब डेढ़ साल से वेज रिवीजन पेंडिंग हो गया है. ऐसे में कलिंगानगर की आग यहां तक फैल सकती है और विरोध यहां भी तेज हो सकता है.







