जमशेदपुर : टाटा स्टील ने जमशेदपुर के नार्दन टाउन में आयोजित एक कार्यक्रम में, प्रख्यात भूविज्ञानी और दूरदर्शी व्यक्तित्व प्रमाथा नाथ बोस (पीएन बोस) को उनकी 171वीं जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की. इस कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों और टाटा वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों ने भाग लिया. टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (रॉ मैटेरियल्स) संदीप कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में उनको पुष्प अर्पित की. इसके अलावा टाटा वर्कर्स यूनियन के डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश कुमार सिंह ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की. इस अग्रणी भूविज्ञानी के सम्मान में पुष्पांजलि अर्पित की गई, जिनका योगदान भारत के औद्योगिक इतिहास को आकार देने में निर्णायक रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
कार्यक्रम में वक्ताओं ने पीएन बोस के जीवन और विरासत पर प्रकाश डाला. इस कार्यक्रम में भारत के अग्रणी भूवैज्ञानिकों में से एक के रूप में पीएन बोस की भूमिका को रेखांकित किया गया. वे तकनीकी शिक्षा और आत्मनिर्भरता के प्रबल समर्थक थे. उनका योगदान केवल खनिज खोजों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने देश में वैज्ञानिक सोच और औद्योगिक प्रगति को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस अवसर पर, जमशेदपुर स्थित पीएन बोस जियोलॉजिकल सेंटर में नेचुरल रिसोर्सेज डिवीजन (एनआरडी) की टीम द्वारा पीएन बोस के जीवन और योगदान पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
इस सत्र में भूविज्ञान के क्षेत्र में उनके अग्रणी कार्यों, भारत की खनिज अन्वेषण यात्रा में उनकी भूमिका, और राष्ट्र के औद्योगिक विकास को आकार देने में उनकी चिरस्थायी विरासत को पुनः याद किया गया. इस सभा में टाटा स्टील द्वारा पीएन बोस मेमोरियल और पीएन बोस जियोलॉजिकल सेंटर के माध्यम से उनकी विरासत को संरक्षित करने के निरंतर प्रयासों को भी याद किया गया. ये केंद्र भारत की भूवैज्ञानिक विरासत, खनन इतिहास और प्रख्यात भूवैज्ञानिकों तथा इंजीनियरों के योगदान को प्रदर्शित करते हैं. टाटा स्टील ने वैज्ञानिक प्रगति, नवाचार, स्थिरता और राष्ट्र निर्माण के संबंध में पीएन बोस की दूरदृष्टि को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया.







