जमशेदपुर : टाटा स्टील में वेज रिवीजन को लेकर चल रही वार्ता में अभी भी एमजीबी और समझौता के साल को लेकर पेंच बरकरार है. बुधवार की सुबह से लेकर दोपहर तक वार्ता हुई. इस वार्ता के दौरान कई सारे बिंदूओं पर चर्चा की गयी. एक बार फिर से मैनेजमेंट ने राग अलापा कि वे लोग 7.5 फीसदी एमजीबी से ज्यादा नहीं बढ़ा सकते है या फिर फिक्स तौर पर एमजीबी की बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव को यूनियन स्वीकार करें. हालांकि, यूनियन एक बार फिर से 13 फीसदी पर रुकी रही. टाटा वर्कर्स यूनियन ने जैसे ही एमजीबी बढ़ाने की बात कहीं, वैसे ही मैनेजमेंट ने कह दिया कि अगर एमजीबी 7.5 फीसदी से बढ़ेगा तो निश्चित तौर पर 8 साल का समझौता करना होगा. (नीचे भी पढ़ें)
इन दोनों में अभी पशोपेश फंस गया है. अब तय हुआ है कि गुरुवार को फिर से वेज रिवीजन पर वार्ता होगी. कर्मचारियों के डीए पर प्वाइंट वैल्यू बढ़ाने के प्रस्ताव को सीधे तौर पर नकार दिया गया है. अब तय किया गया है कि एनएस ग्रेड को वहीं 3 रुपये प्रति प्वाइंट डीए मिला करेगा. डीए का फीसदी पर करने या इसकी राशि को बढ़ाने से मैनेमजेंट ने साफ तौर पर इनकार कर दिया है. फिलहाल, एमजीबी और साल पर बातें हो रही है. वैसे सूत्र बता रहे है कि इस माह के अंत तक समझौता हो जायेगा. अगर बातचीत रास्ते पर रहा तो समझौता अगले सप्ताह तक हो जायेगा.





