जमशेदपुर : टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में वन महोत्सव का आयोजन किया गया. सप्ताहभर चले इस आयोजन के समापन समारोह के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ थीम के तहत विशेष वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी मां के नाम एक पेड़ समर्पित करने और हरित एवं स्वच्छ भविष्य के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया. (नीचे भी पढ़ें)

इस पहल के तहत जैव विविधता को बढ़ावा देने और वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक खाद्य संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चिड़ियाघर परिसर में जंगली प्रजातियों के फलदार पौधे लगाए गए. इस वृक्षारोपण अभियान में जमशेदपुर वीमेन्स यूनिवर्सिटी की 90 से अधिक छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क के कर्मचारियों ने भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता का परिचय दिया. कार्यक्रम के दौरान टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क के निदेशक डॉ नईम अख्तर ने विद्यार्थियों से बात करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए देशव्यापी जन आंदोलन के रूप में वन महोत्सव के महत्व पर प्रकाश डाला. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण और वनीकरण जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने, जैव विविधता के संरक्षण, वायु की गुणवत्ता में सुधार तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. डॉ. अख्तर ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेशवाहक बनने और अपने समुदायों में हरित पहलों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए भी प्रेरित किया. उन्होंने प्रतिभागियों को क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने तथा प्राकृतिक आवासों के संरक्षण से होने वाले दीर्घकालिक लाभों के बारे में भी जागरूक किया. (नीचे भी पढ़ें)

वृक्षारोपण अभियान में सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प लिया. पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने वाली इस पहल की विद्यार्थियों, कर्मचारियों और आयोजकों ने समान रूप से सराहना की. टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से संरक्षण शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता को निरंतर सशक्त बना रहा है तथा नागरिकों को हरित, स्वच्छ और अधिक सस्टेनेबल भविष्य के निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित कर रहा है.







