जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन अपना सौ साल मना रही है. इसमें नये बदलाव दिख रहा है. यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद के नेतृत्व में यूनियन की टीम कुछ नया करने का चक्कर में कुछ ऐसा कर जा रही है, जिससे मजदूरों की आंखों में पूरी कमेटी की ही किरकिरी हो जा रही है. इसका एक उदाहरण टाटा वर्कर्स यूनियन की टीम के दौरे में दिखा. यूनियन के कई कमेटी मेंबरों को पंचगणी टूर पर भेजा गया.

इस टूर में इफेक्टिव लीडरशिप की ट्रेनिंग दी जानी है. लेकिन इस टूर में कमेटी मेंबरों के साथ पदाधिकारी शत्रुघ्न राय भी चले गये है. इसको लेकर यूनियन नेतृत्व की किरकिरी हो रही है कि जब ऐसे टूर पर पदाधिकारी नहीं जाते है तो फिर ऐसे टूर पर पदाधिकारियों को कैसे भेजा गया. ऐसा क्या आ गया था कि ऑफिस बियरर को भेजना जरूरी हो गया था. यहीं नहीं, एसएमडी विभाग में कमेटी मेंबर एमसी झा के नेतृत्व आइबी का फाइनल समझौता होने वाला है. वे 31 जनवरी को रिटायर करेंगे और यह उम्मीद जतायी जा रही है कि 29 जनवरी को आइबी का समझौता हो जायेगा यानी रिटायरमेंट के दो दिनों पहले यह समझौता होगा.

हालांकि, ऐसा ही रिऑर्गेनाइजेशन का समझौता एचएसएम में कमेटी मेंबर केके सिंह चाहते थे कि उनके रिटायरमेंट के पहले हो जाये, लेकिन उसको होने नहीं दिया गया था. अब यह समझौता हो रहा है. इसके अलावा हद तो तब हो गयी जब टाटा स्टील के ही मिल्ट एंड यूटिलिटीज इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस के गेट टु गेदर में खुद अध्यक्ष आर रवि प्रसाद ठुमकने लगे. उन्होंने यहां सबके आग्रह पर कैटवॉक भी किया. हालांकि, कई कमेटी मेंबरों ने भी उनके साथ यह वॉक किया, जो चर्चा का विषय बना हुआ है.






