
जमशेदपुर : जीवन में अगर किसी बात को ठान लिया जाए तो व्यकित क्या कुछ नहीं कर सकता, ऐसा ही कुछ कर गुजरने की चाह लेकर राजस्थान के सिकर जिले से साइकिल लेकर देश भ्रमण पर निकले अजय चौधरी. अजय साइकिल से देश भर की यात्रा पर निकले है. वे गुरुवार को देर रात जमशेदपुर पहुंचे. अभी तक उन्होनें 12 राज्यों की यात्रा पूरी कर ली है. इस यात्रा का उद्देशय जीवन से हारे हुए लोगो को जीने के लिए प्रेरित करना है. वैसे लोग जो शारीरिक रुप से विकलांग है उन लोगों को जीने के लिए राह दिखाना है.
सिकर के बीएड कॉलेज में लेक्चरर है अजय, 12 साल पहले सड़क दुर्घटना में खो दिए पिता और पत्नी
राजस्थान के झुमरु जिले के रहने वाले अजय सिकर जिले के बीएड कॉलेज में लेक्चरर है. उन्होंने अपनी यात्रा 18 अक्टूबर 2019 को सिकर जिले से शुरु की. अब तक वे 12 राज्यों में जा चुके है. जमशेदपुर से वे ओड़िशा की ओर रवाना हो जायेंगे. अजय बताते है कि आज भी उन्हे वो पल याद है जब उन्होने एक ही झटके में अपने पिता और पत्नी को खो दिया था. अजय बताते है कि 12 साल पहले 23 सितंबर 2007 को एक सड़क दुर्घटना में उन्होने अपने पिता और पत्नी को खो दिया था. एक बेटा पागल हो गया. वहीं इस घटना में उन्हे रीढ़ की हड्डी में चोटें आई थी. डॉक्टरों ने उन्हे साफ कह दिया की वे अब चल नहीं पाएंगे. इसके बाद भी उन्होने हौसला नहीं हारा. अंत में उन्होने जीवन से निराश हो रहे लोगों के बीच आशा पहुंचाने की ठानी और साइकिल लेकर निकल पड़े देश भर में निराश लोगों के बीच. जमशेदपुर पहुंचने पर उन्होने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हे साफ कह दिया था कि वे अब चल नहीं पाएंगे, पहले तो वे अपनी जिंदगी से हार मान बैठे फिर उन्होने खुद को संभालने का निर्णय लिया. कुछ दिनों बाद उन्हे एहसास हुआ कि उनके जैसे करोडो लोग शारिरिक रुप से विकलांग होकर निराश होंगे. इसी बात को लेकर वह निकल पड़े.

जमशेदपुर साफ-सूथरा शहर, लोगो के बीच अपनापन : अजय
जमशेदपुर पहुंचने के बाद अजय ने कहा कि यह बहुत ही साफ-सूथरा शहर है. अभी तक उन्हे ऐसा शहर नहीं मिला जहां इतनी सफाई हो साथ ही यहां के लोगों के बीच अपनापन उन्हे बहुत भाया. उनका कहना है कि यहां के लोगों ने उनकी बहुत मदद की, कभी मौका मिले तो वे फिर से जमशेदपुर आएंगे.







