जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन के रीडेवलपमेंट प्लान का भूमि पूजन शनिवार को संपन्न हुआ. जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने दक्षिण पूर्व रेलवे के जीएम अनिल मिश्रा ने भूमि पूजन किया. इस मौके पर चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया, सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी समेत तमाम रेलवे के अधिकारी मौजूद थे. 284 करोड़ रुपये की लागत से भूमि पूजन किया जायेगा. यह परियोजना टाटानगर स्टेशन को एक विश्वस्तरीय, आधुनिक और यात्री-अनुकूल स्टेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है. यह कार्य क्षेत्र के विकास और यात्रियों की सुविधा में मील का पत्थर साबित होगा. यह स्टेशन आने वाले समय में आधुनिकता, सुविधा और सांस्कृतिक गौरव का संगम बनेगा. स्टेशन का कुल क्षेत्रफल विस्तारित किया जाएगा. प्लेटफॉर्मों की संख्या को दोगुना किया जायेगा. (नीचे भी पढ़ें)
यात्रियों के लिए उन्नत प्रतीक्षालय, अत्याधुनिक टिकटिंग प्रणाली और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी. नए स्टेशन भवन में लिफ्ट, एस्केलेटर और अत्याधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर होगा. स्टेशन के अग्रभाग में झारखंड की स्थानीय संस्कृति और जनजातीय विरासत की झलक दिखाई देगी. यात्रियों की सुरक्षा के लिए एआई-आधारित कैमरे और सीसीटीवी सिस्टम लगाए जाएंगे. (नीचे भी पढ़ें)

यह पुनर्विकास न केवल क्षेत्र की पहचान को नई ऊंचाइयां देगा, बल्कि यात्रियों के अनुभव को भी और अधिक सुखद एवं सुरक्षित बनाएगा. टाटानगर रेलवे स्टेशन की स्थापना 1891 में हुई थी, और इसका पुराना नाम कालीमाटी था. 2 जनवरी 1919 को गवर्नर जनरल और वायसराय लॉर्ड चेम्सफोर्ड ने साकची का नाम बदलकर जमशेदजी नसरवानजी टाटा के सम्मान में ‘जमशेदपुर’ रखा और कालीमाटी स्टेशन का नाम बदलकर टाटानगर कर दिया. इस ऐतिहासिक टाटानगर स्टेशन का एक बार फिर से रुपरेखा बदलने वाला है. समय के साथ वर्ष 2061-2062 को ध्यान में रखकर इसका रीडेवलपमेंट प्लान को धरातल पर उतारा जा रहा है.











