- गांव का चापाकल या बोरिंग सभी खराब, दो किमी दूर आना पड़ता है महिलाओं को

चाईबासा : जगन्नाथपुर अनुमंडल के प्रखंड मुख्यालय स्थित भलियाडीह गांव के दो हजार ग्रामीण अपने गांव से दो किमी दूर एक सिचाई कुआं से गंदा पानी पीने को बाध्य हैं। जबकी मोंगरा पंचायत को भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद लक्षमण गिलुवा द्वारा गांव को गोद लिया था, तब वहां के ग्रामीणों में उम्मीद जगी थी कि उन्हें समस्याओं से निजात मिलेगी, लेकिन गांव का विकास तो दूर यहां की ग्रामीण महिलाओं को पानी के लिए अब भी गांव से दो किमी दूर जाना पड़ता है। जबकी गांव में चापनल है, लेकिन बेकार, गांव में बोरिंग है लेकिन शोभा बढ़ा रही है। मजबूरन पानी के लिए गांव की महिलाओं को एक सिचाई कुआं का सहारा लेना पड़ रहा है।
महिलाओं ने कहा कि कुआं का पानी अच्छा नहीं है, लेकिन क्या करें मजबूरी है। पानी के बिना काम नहीं चलेगा। सरकार भी इस ओर ध्यान नहीं देती है। इधर मामले की जानकारी जब क्षेत्र के स्थानीय विधायक सोनाराम सिंकू को मिली तो मामले को संज्ञान में लेते हुए पानी की समस्याओं को दूर कराने के लिए पहल शुरू कर दी है। ज्ञांत हो कि जब-जब गर्मी आती है तो विभाग द्वारा चापानल मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिये जाते है, लेकिन फिर भी पानी के लिए लोगों को कहीं चुंआ तो कही छोटे छोटे तालाब तो कहीं सिचाई कुंए का सहारा लेना पड़ता है।







