रामगोपाल जेना, चक्रधरपुर:चक्रधरपुर प्रखंड के चार गांवों में मंगलवार को छऊ नृत्य का समापन हो गया. छऊ नृत्य के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में चक्रधरपुर नगर परिषद के अध्यक्ष सन्नी उरांव मुख्य रूप से उपस्थित हुए. प्रखंड के महुलबोराई, सिमिदिरी, घाघराघाट तथा चंद्री गांव में छऊ नृत्य का आयोजन हुआ. जहां इन सभी गांवों के उपर टोला और नीचे टोला के छऊ कलाकारों ने हिस्सा लिया. छऊ कलाकारों ने राधा कृष्ण, गणेश वंदना, आरती, वनदेवी, महिषासुर वध आदि नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर परिषद अध्यक्ष उरांव ने कहा कि छऊ नृत्य क्षेत्र की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर, गौरवशाली पहचान है. (नीचे भी पढ़े)

साथ ही आदिवासी संस्कृति का प्रतीक है. छऊ केवल एक नृत्य या कला नहीं हैं बल्कि यह हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर हैं. इसे बचाने के लिए हम सभी का सहभागिता होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कलाकारों को हमेशा सहयोग करते रहेंगे. इससे पहले सिमिदिरी, चंद्री, घाघराघाट तथा महुलबोराई में आयोजन समिति ने नगर परिषद अध्यक्ष सन्नी उरांव का भव्य स्वागत किया. मौके पर मुख्य रूप से विधायक प्रतिनिधि पीरू हेम्ब्रम, मुखिया सोमनाथ कोया, झामुमो प्रखंड सचिव ताराकांत सिजुई, प्रदीप महतो, टिंकू प्रधान समेत काफी संख्या में आयोजन समिति के सदस्य एवं ग्रामीण उपस्थित थे.







