रामगोपाल जेना/ चाईबासा : आज जब राजनीति में बड़े पद के साथ दिखावा और दूरी आम बात मानी जाती है, ऐसे दौर में सिंहभूम की सांसद जोबा माझी ने एक बार फिर अपनी सादगी से लोगों का दिल जीत लिया. मनोहरपुर विधानसभा क्षेत्र के गुदड़ी प्रखंड स्थित लिगिर गांव में आयोजित कार्यक्रम के बाद जब ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन करने की व्यवस्था हुई, तब सांसद जोबा माझी और विधायक जगत माझी बिना किसी संकोच के ग्रामीणों के बीच जाकर बैठ गये. सखुआ के पत्तल में परोसे गये साधारण भोजन को सांसद और विधायक ने ग्रामीणों के साथ बातचीत करते हुए बड़े अपनत्व के साथ ग्रहण किया. यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए किसी बड़ी सीख से कम नहीं था. कई ग्रामीण सांसद को जमीन पर बैठा देखकर असहज हो गये, लेकिन जोबा माझी ने मुस्कुराते हुए कहा कि वह आंदोलनकारी शहीद परिवार से आती हैं और जमीन से जुड़ाव ही उनकी असली पहचान है. (नीचे भी पढ़ें)

राजनीति के लंबे सफर और बड़े पदों तक पहुंचने के बावजूद जोबा माझी का जीवन आज भी बेहद साधारण माना जाता है. उनके पति स्वर्गीय देवेंद्र माझी ने जल, जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ते हुए शहादत दी थी. लोगों को आज भी वह दौर याद है जब विधायक परिवार से होने के बावजूद जोबा माझी चक्रधरपुर के इतवारी बाजार में सब्जी बेचती थीं. ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन करने की यह तस्वीर अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. लोग इसे सादगी नहीं, बल्कि जनता से सच्चे जुड़ाव की मिसाल बता रहे हैं.







