रामगोपाल जेना/चक्रधरपुर : मधुसूदन महतो उच्च विद्यालय के संस्थापक एवं सेवानिवृत्त शिक्षक, श्यामसुंदर महतो का निधन हो गया है. श्री महतो के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है. उनके निधन की खबर पाते ही विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं और सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने उनके निवास पर पहुंचकर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी. (नीचे भी पढ़ें)

इससे पूर्व विगत 7अगस्त की रात लगभग नौ बजे श्री महतो की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जमशेदपुर स्थित टीएमएच और बाद में ब्रह्मानंद अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा था. रविवार को सुबह 5 बजकर 8 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली. (नीचे भी पढ़ें)

मिली जानकारी के अनुसार 7 अगस्त 2025 को रात 9:00 बजे के करीब श्री महतो ने विद्यालय परिसर स्थित आवास में 8 अगस्त को निर्मल महतो शहादत दिवस के अवसर पर आयोजित होनेवाली श्रद्धांदजलि सभा सह रक्तदान शिविर की तैयारियों को लेकर परिजनों व अन्य लोगों के साथ बैठक की, फिर अपने कमरे में सोने चले गए. बताया गया कि कमरे में बैठने के दौरान ही उन्हें अचानक चक्कर आ गया. बताया गया कि इसके बाद उनके पुत्र बलराज कतुमार हिंदवार ने उनको ओआरएस घोल कर पिलाया. (नीचे भी पढ़ें)

इसके बाद उनके बायें हाथ और बायें पैर ने काम करना बंद कर दिया. तत्काल सूर्य नर्सिंग होम में ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टर साईबा सोरेन ने जांच के बाद उन उपरांत उच्च रक्तचाप बताते हुए हैं उच्च स्तरीय जांच के लिए बाहर ले जाने का सलाह दिया. रात्रि लगभग 1:00 बजे टीएमएच अस्पताल जमशेदपुर में भर्ती कराया गया. एमआरआइ करने के क्रम में बेहोश हो गए. 8 अगस्त 2025 को संध्या के समय बेहतर इलाज के लिए उन्हें ब्रह्मानंद अस्पताल स्थानांतरित किया गया, जहां इलाज के दौरान रविवार को (आज) प्रातः 5.08 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. (नीचे भी पढ़ें)
उनके निधन से पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई. सांसद-विधायक समेत बड़ी संख्या मे लोगों ने उनके आवास पहुंच कर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में सांसद जोबा माझी ,विधायक सुखराम उरांव, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व सांसद गीता कोड़ा, विधायक दशरथ गगराई, जिला परिषद चेयरमैन लक्ष्मी सुरेन, पूर्व विधायक शशि भूषण सामड आदि शामिल रहे. इसके अतिरिक्त उनकी शव यात्रा में भी भारी भीड़ उमड़ पड़ी.











