बहरागोड़ा : स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले फार्मासिस्टों की मांग देश-दुनिया में लगातार बढ़ रही है. लेकिन झारखंड का बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र आज भी चिकित्सा शिक्षा की इस बुनियादी सुविधा से कोसों दूर है. 25 सितंबर को दुनियाभर में वर्ल्ड फार्मासिस्ट डे मनाया जाता है. विश्व फार्मासिस्ट दिवस अंतर्राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल फेडरेशन की एक पहल थी, जिसे 2000 के दशक में इस्तांबुल में आयोजित एक सम्मेलन में मान्यता दी गई थी. इस दिन का उद्देश्य फार्मेसियों पर ध्यान आकर्षित करना है. फार्मासिस्ट या जिसे हम आमतौर पर केमिस्ट या ड्रगिस्ट कहते हैं, वे महत्वपूर्ण चिकित्सा पेशेवर हैं. आसान भाषा में कहें तो हम मेडिकल स्टोर से दवाई लेने जाते हैं तो वो दवाई फार्मासिस्ट ही बेचते हैं. (नीचे भी पढ़ें)

त्रिकोणीय सीमा का भुगतना पड़ रहा नुकसान : भौगोलिक दृष्टि से बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा की सीमाओं के संगम पर स्थित है. स्थानीय लोग और छात्र संगठनों का कहना है कि इस रणनीतिक स्थान का लाभ यहां के युवाओं को मिलना चाहिए था, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण स्थिति बिल्कुल उलट है. स्थानीय स्तर पर कोई संस्थान न होने के कारण यहां के प्रतिभावान युवाओं को तकनीकी शिक्षा के लिए भारी-भरकम फीस चुकाकर ओडिशा के बारीपदा, कटक या पश्चिम बंगाल के खड़गपुर और कोलकाता जैसे शहरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
रोजगार और प्रतिभा का हो रहा पलायन : विश्व फार्मासिस्ट दिवस के मौके पर जहां देश भर में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और दवाओं की उपलब्धता में फार्मासिस्टों के योगदान की सराहना की जाती है, वहीं बहरागोड़ा के युवाओं में इस बात को लेकर गहरी मायूसी देखी जाती है. (नीचे भी पढ़ें)
स्थानीय जनता की मांग : बहरागोड़ा के प्रबुद्ध नागरिकों और अभिभावकों ने सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि बहरागोड़ा विधानसभा क्षेत्र में जल्द से जल्द एक राजकीय फार्मेसी कॉलेज की स्थापना की जाए. उनका कहना है कि जब तक यहां मेडिकल और तकनीकी शिक्षा के द्वार नहीं खुलेंगे, तब तक इस ग्रामीण क्षेत्र और सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं का पूर्ण विकास संभव नहीं है. (नीचे भी पढ़ें)
विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर क्या कहते हैं युवा फार्मासिस्ट : विवेक माईति – बहरागोड़ा के विवेक माईति ओडिशा में शिक्षा ग्रहण कर रहे विवेक माईति ने कहा की देश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना और ई फार्मेसी प्लेटफार्म के ऑनलाइन लाने वाली प्रौद्योगिकीय जिनमें दुरूस्थ चिकित्सा परामर्श (टेलीहेल्थ) से लेकर ऑनलाइन दवा ऑर्डर और ऑनलाइन दवा वितरण तक फार्मासिस्ट का अहम योगदान रहता है. (नीचे भी पढ़ें)
फार्मासिस्ट छात्र अभिषेक दे ने कहा की छात्रों को दूसरे शहरों में रहने और पढ़ाई करने के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है जिससे उनके परिवार पर भी आर्थिक बोझ पड़ता है. यदि बहरागोड़ा में फार्मेसी कॉलेज स्थापित किया जाए तो स्थानीय छात्रों को अपनी शिक्षा वहीं पूरी करने का अवसर मिलेगा और वह पलायन करने के बजाय अपने क्षेत्र के विकास में योगदान दे पाएंगे. (नीचे भी पढ़ें)
फार्मासिस्ट छात्रा तमन्ना प्रधान ने कहा कि वैश्विक कोरोनावायरस में फार्मासिस्ट ने अपने कर्तव्य के प्रति अहम भूमिका निभाई है. फार्मेसी हमेशा आपके स्वास्थ्य के लिए विश्वसनीय होता है. फार्मेसी और फार्मासिस्ट की वजह से डॉक्टर मरीजों का इलाज करने में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं. फार्मासिस्ट छात्रा प्रिया माईति ने कहा कि एक फार्मासिस्ट होने का मतलब सिर्फ दवा की दुकान चलाना नहीं है बल्कि डॉक्टर और मरीज के बीच एक मजबूत सेतु बनना है. हम यह सुनिश्चित करते हैं कि मरीज को सही दवा मिले, वह उसका सही इस्तेमाल करें और किसी भी तरह के दुष्प्रभाव से बचा रहे.




