
बोकारो : आइनॉक्स एयर प्रॉडक्ट्स भारत में इंडस्ट्रियल और मेडिकल गैसों की सबसे बड़ी निर्माता कंपनियों में से एक है। देश भर में कंपनी के स्वामित्व और परिचालन के अधीन 44 प्लांट। जब से देश भर में कोविड का प्रकोप फैला, तब से सभी 44 प्लांट के कर्मचारी देश भर के 800 से ज्यादा अस्पतालों में मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए बिना थके लगातार काम कर रहे हैं। देश भर में फैले इन प्लांट में 2000 से ज्यादा इंजिनियर, टेक्निशियंस, लॉजिटिक्स एंड मेंटेनेंस मैनेजर ऑक्सीजन का उत्पादन करने के लिए 24 घंटे काम कर रहे हैं। इस टीम को 700 बहादुर ड्राइवरों की टीम का समर्थन प्राप्त है, जो अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन की डिलिवरी सुनिश्चित कर रहे हैं। (नीचे भी पढ़ें)
इन 44 संयंत्रों में से एक बोकारो में स्थित है, जो देश भर में ऑक्सीजन की सप्लाई करने के लिए काम कर कर रहा है। बोकारो प्लांट में आइनॉक्स के 76 समर्पित कर्मचारी अपने परिवार में कोविड के मामले होने के बावजूद एलएमओ के उत्पादन और देश भर में उसकी सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर कर्मचारी, जिसमें टैंकर ड्राइवर भी शामिल है, अपने परिवार के पास कई दिनों से नहीं जा पाए हैं, फिर भी वह अपने चेहरे पर मुस्कान लिए ऑक्सीजन की लगातार सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं। चाहे वह प्रॉडक्शन और ऑपरेशन टीम हो, मेंटेनेंस टीम हो या लॉजिटिक्स की योजना बनाने में शामिल टीम हो, आइनॉक्स प्लांट पर हर व्यक्ति हर समय यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी को अपनी जान नहीं गँवानी पड़े। (नीचे भी पढ़ें)
प्लांट ने मेडिकल ऑक्सीजन की महीने भर में सप्लाई की अपनी क्षमता को बढ़ाया है। जहाँ कोविड काल से पहले मार्च 2020 में बोकारो प्लांट 456 एमटी मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई करता था, वहीं अप्रैल 2021 में इस प्लांट ने 4,739 एमटी ऑक्सीजन का उत्पादन किया है। देश में मेडिकल ऑक्सीजन की बढ़ती माँग को देखते हुए प्लांट ने अपनी उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी की है। मार्च 2020 में कोविड का प्रकोप फैलने से पहले इस प्लांट का मेडिकल ऑक्सिजन की सप्लाई का रोजाना औसत 15 टन प्रतिदिन था। वहीं अप्रैल 2021 में आइनॉक्स, बोकारो ने अपनी क्षमता से 10 गुना ज्यादा, रोजाना 158 टन, मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन किया, जिसे मई 2021 के मौजूदा महीने में 255 टन प्रतिदिन तक बढ़ा दिया गया है । इस यूनिट ने ऑक्सीजन एक्सप्रेस की ओर से भेजे गए गए खाली टैंकरों की रिफिलिंग के लिए फीडर यूनिट के रूप में प्रमुख भूमिका निभाई है, जिसके कारण महीने में कई दिन तो कंपनी ने 350 टन मेडिकल ऑक्सिजन की आपूर्ति की। यह यूनिट लखनऊ जितनी दूरी पर स्थित अस्पतालों में भी मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई कर रही है। (नीचे भी पढ़ें)
अस्पतालों में कोविड के बढ़ते मामलों के साथ हर अस्पताल ने बेड और वेंटिलेटर की संख्या बढ़ाई, जबकि मेडिकल ऑक्सीजन हैंडल करने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर काफी सीमित था। गैस का स्टोरेज करने की बंदिश के चलते अस्पतालों में ऑक्सीजन टैंक की फिलिंग की रफ्तार 4 दिन में 1 बार से बढ़ाकर 8 घंटे में एक बार कर दी गई। ऑक्सीजन की अचानक बढ़ी माँग से बोकारो के आइनॉक्स प्लांट में ऑक्सीजन के निर्माण और वितरण में जुटी टीम अभूतपूर्व दबाव में आ गई। (नीचे भी पढ़ें)
आइनॉक्स के बोकारो प्लांट में 33 क्रायोजेनिक ट्रांसपोर्ट टैंकरों का संचालन किया जाता है, जिनमें से 25 टैंकर मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए समर्पित है। ये टैंकर देश की सेवा में जुटे हैं। इसमें 57 बहादुर ड्राइवर हैं, जिनकी हमने सुपर हीरोज के रूप में सराहना की है। ये ड्राइवर समय पर अपनी मंजिल पर पहुँचकर मेडिकल ऑक्सीजन की डिलिवरी के काम कर रहे हैं।












