
जमशेदपुर : टाटा स्टील की शत-प्रतिशत सब्सिडियरी वाली कंपनी तार कंपनी (आइएसडब्ल्यूपी) की अधीकृत यूनियन की राजनीति चरण पर है. अब एक दूसरे पर निजी हमला तेज हो चुका है. चुनावी माहौल के बीच तार कंपनी यूनियन के सह सचिव अमरीक सिंह ने अपने कर्मचारी साथियों के साथ बैठक की. इस दौरान अमरीक सिंह ने पूर्व महामंत्री आशीष अधिकारी को उनके कार्यकाल को याद कराया कि वो उस समय के डिप्टी प्रेसिडेंट के बेटा और भतीजे की नौकरी किस काबिलियत की तरह कराए और लगभग 9 उनके समर्थक मेंबर के पुत्र का और एक महिला कर्मी की बहू को बेटी बनाकर नौकरी कराये, जिसकी नौकरी टाटा स्टील विजीलेंस डिपार्टमेंट द्वारा जांच करने के बाद चली गई. इन लोगों ने आरोप लगाया कि आशीष अधिकारी का भ्रष्टाचार के और भी किस्से सरेआम चर्चा में रहते है. लगभग 5 कर्मचारी अभी भी इनके पास अपने बेटे की नौकरी के लिए जो लाखो रुपये दिए थे, उसको मांगने इनके घर आते है और उनको दुत्कार कर भगा देते है. अमरीक सिंह ने आरोप लगाया कि आशीष अधिकारी अपनी डेयरी फॉर्म का दूध कंपनी कैंटीन में सप्लाई करते थे और जिसकी विजिलेंस जांच हुई और प्रबंधन को एक्शन लेने के लिए भी कहा गया है और वो जांच भी अभी पेंडिंग है और इनके यही सब कुकर्म के चलते मजदूरो ने इन्हें पिछले चुनाव में बाहर का रास्ता दिखाया. अमरीक सिंह ने आरोप लगाया कि बहुत जल्द सरकारी बैंक का पैसा गबन के आरोप में ये तार कंपनी के विजय मालया हो सकते है. ऐसें में मजदूरो को ऐसे बहुरुपिये से सावधान रहना है और इनको केवल प्रेस में चुनाव लड़ेंगे और प्लांट में निश्चित तौर पर हारेंगे., बैठक में यूनियन के पदाधिकारी पवित्र सिंह, दानीशंकर तिवारी, मंजीत सिंह उपस्थित थे.




