
चाईबासा : कांग्रेस पार्टी ने लखनऊ में पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी को शनिवार को पुलिस द्वारा रोके जाने के मामले में बैठक कर इसे उत्तर प्रदेश सरकार की शह पर की गयी कार्रवाई बताया है। साथ ही पार्टी ने इस मामले में जांच की मांग की है। युवा कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष दीनबंधु बोयपाई ने कहा है कि यह तानाशाही है कि प्रियंका गांधी एक विरोधी दल की नेता होने के नाते डंडे के बल पर जेल में भर्ती किए गए लोगों के परिजनों से मिलने जा रही थीं, लेकिन उन्हें रोका गया। इसकी जांच होनी चाहिए। यूपी पुलिस की सर्किल ऑफिसर ने प्रियंका गांधी की गाड़ी को इस तरीके से रोका कि उनका एक्सिडेंट होते-होते बचा। उनकी गाड़ी में 5 लोगों से कम लोग मौजूद थे और इस तरह वह धारा 144 का उल्लंघन भी नहीं कर रही थीं। लेकिन उन्हें रोका गया। प्रदेश कांग्रेस नेता त्रिशानु राय ने कहा है कि यूपी पुलिस ने प्रियंका गांधी को टू व्हीलर पर भी घेरा और जिस तरीके से घेरा वो निंदनीय है। उन्होंने कहा कि नागरिकता कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश में 18 लोगों की जान गई है जिसमें 12 लोगों को गोली मारी गई है। जिन अधिकारियों ने प्रर्दशनकारियों को और प्रियंका गांधी को रोका उनको बर्खास्त करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि यूपी सरकार को भी बर्खास्त कर देना चाहिए। उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रियंका गांधी को फिजिकली मैन हैंडल किया है। प सिंहभूम जिले के कांग्रेसी इस पूरे मामले की जांच की मांग करते है। यह एक तरह से तानाशाही है। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए। बैठक में अशोक कुमार बारीक, संतोष सिन्हा, मो सलीम, राकेश सिंह, सन्नी संदीप देवगम, राजेन्द्र कच्छप, चंद्रशेखर दास, रामजी शर्मा, राजू कारवां, प्रदीप विश्वकर्मा, बीर सिंह दास, धर्मेन्द्र साह, जंग बहादुर, सुशील कुमार दास समेत अन्य उपस्थित थे।







