
जमशेदपुर : भारतीय सेना के सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के पर राजनेताओं के और अरुंधति रॉय द्वारा दिये गये बयान के विरोध में रविवार को पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने एक आक्रोश मार्च निकाला और जनरल रावत के समर्थन में जिन्दाबाद के नारे लगाए। आक्रोश मार्च साकची बाजार स्थित शहीद चौक से आरंभ हुआ। विषय प्रवेश कराते हुए पूर्व सैनिक सेवा परिषद के प्रदेश सचिव वरुण कुमार ने कहा कि आज देश की वर्तमान परिस्थिति में राजनीतिक दल के लोग जिस तरह राष्ट्रविरोधी बयान देकर राष्ट्रधर्म के विरुद्ध एक गलत बयानी और गुमराह करने का काम कर रहे हैं वह भारतीय सेना के जवान कभी बर्दास्त नहीं कर सकते। सेना अपनी सरजमीं की एक एक इंच के लिए जीवन की आहुति समर्पित कर देती है और इधर राजेनेता वोट और सत्ता की लालच में घुसपैठियों को शरण देकर नागरिक संशोधन कानून का विरोध करने के लिए अपने ही देश के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। क्रीड़ा भारती के प्रांत मंत्री राजीव ने कहा की देश के गद्दारों और देशद्रोहियों को तत्काल जेल की सलाखों के पीछे बंद करना चाहिए। जनरल विपिन रावत ने देश के नेताओं को राष्ट्रधर्म का बोध कराया है, इसलिए उनके विरुद्ध कोई भी टिप्पणी ओवैसी, चिदंबरम व दिग्गी न करें, अन्यथा राज्यव्यापी पुतला दहन का कार्यक्रम तय किया जाएगा। नमन के डीडी त्रिपाठी ने कहा कि अरुंधति रॉय जैसी वामपंथी देशद्रोहियों को देश के तरुणों को रंगा-बिल्ला बनाने के लिए उकसाने के लिए कानूनी करवाई करनी चाहिए। आक्रोश मार्च शहीद चौक से साकची बाजार झंडा चौक होते हुए मुख्य गोलचक्कर से वापस पहुंचा। भारत माता की जय, वंदे मातरम, सेना का अपमान नहीं सहेगा हिन्दुस्तान, देशद्रोहियों होश भवन आओ, देश के गद्दारों को गोली मारो, जनरल विपिन रावत और भारतीय सेना जिंन्दाबाद के घोष से साकची बाजार गूंज उठा। इस दौरान बागबेड़ा हेल्पिंग ब्वॉयज के राम जी, वायस ऑफ ह्यूमेनिटी के हरि, क्रीड़ा भारती के सुभाष, राष्ट्र चेतना के राकेश, आशीष, अभुदय के अश्वनि, मुकेश, अविनाश समेत पूर्व सैनिक सेवा परिषद के जयदेव चंद, अशोक कुमार, प्रेम झा आलोक पांडेय, सत्य प्रकाश, पंकज शर्मा, कृष्णमोहन, जसबीर सिंह, सत्येंद्र सिंह, सुनील कुमार, धीरज सिंह, बिमल कुमार ओझा, उमेश सिंह, आरपी सिंह, अवधेश कुमार, शशि भूषण सिंह, अनिल प्रसाद, मोहन दूबे, संतोष सिंह, सुशील वर्मा, विजय कुमार, अजय सिंह, रंजीत, नरेश स्वाइन, बीके दास समेत कई लोग उपस्थित थे। अशोक वाजपेयी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।







