
जमशेदपुर : अखिल भारतीय स्तर पर विभिन्न मजदूर संगठनों द्वारा आहूत मजदूरों की हड़ताल को लेकर तैयारी तेज हो गयी है. बुधवार को सारे मजदूर हड़ताल पर रहेंगे. इसको लेकर जमशेदपुर के सभी मजदूर संगठनों के लोगों ने मंगलवार को इंटक नेता संजीव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बैठक हुई. इस बैठक में इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एकटू, टूसीसी, सेवा, एआइसीसीटीयू, एलपीएफ, बैंकों के यूनियों के अलावा यूटक और अन्य यूनियनों के लोग मौजूद थे. इन लोगों ने कहा कि वे लोग इस आंदोलन को जोरदार तरीके से सफल बनायेंगे और इसको लेकर अपने हक और अधिकार लेकर रहेंगे. बैंकिंग क्षेत्र की संस्था एआइबीइए, एआइबीओए, बीइएफआइ, आइएनबीइएफ और आइएनबीओसी जैसी संस्था यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले इस हड़ताल में शामिल हो रही है. इसमें रिजर्व बैंक, इंश्योरेंस समेत तमाम बैंकों के कर्मचारियों के अलावा रक्षा उत्पादन, इस्पात, तेल कोयला, रेलवे जैसे कई अन्य क्षेत्रों से बंदरगाहों, सड़क परिवहन, शिक्षकों, सरकारी कर्मचारियों, आदि ने भी इस हड़ताल में जाने का फैसला किया है.
यह है हड़ताल का कारण :
- मजदूरों पर हमले हो रहे हैं और श्रमिकों का शोषण करने वालों को मखमल दिया जा रहा है
- बैंकिंग क्षेत्र में सरकार की नीति निजीकरण की है और यूनियनों के विरोध के बावजूद बैंकों का अनुचित विलय किया गया.
- कारपोरेट के बैड लोन्स, जिसकी वसूली नहीं हो पा रही है, उसकी अनदेखी की जा रही है और आम लोगों के लिए लगातार शुल्क बढ़ाये जा रहे है.
- बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए वेतन संशोधन की मांग है, लेकिन कोई कदम नहीं उठाये जा रहे है
- वन इंडस्ट्री-वन पेंशन और 5 दिन का बैंकिंग इत्यादि बैंक यूनियन भी मांग रही है.
- महंगाई पर नियंत्रण करना
- बेरोजगार युवाओं के लिए अधिक नौकरियां पैदा करें
- नौकरी के अधिकार और मजदूरी के अधिकार की गारंटी
- नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करें
- स्थायी नौकरियों को आउटसोर्स न करें
- श्रम कानूनों में प्रतिकूल संशोधन न करें
- ट्रेड यूनियन अधिकारों पर पर्दा न डालें
- सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को कमजोर न करें
- न्यूनतम मजदूरी 21000 सुनिश्चित करें
- सभी के लिए पेंशन और बोनस
- नई पेंशन योजना को स्क्रैप करें
- सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण न करें
- बैंकों का निजीकरण या विलय न करें
- जमा पर ब्याज दर बढ़ाएँ
- बैंकों के खराब ऋणों की वसूली







