
जमशेदपुर : टाटा स्टील की शत-प्रतिशत सब्सिडियरी वाली कंपनी जुस्को का नाम बदल दिया गया है. जमशेदपुर यूटिलिटीज सर्विस कंपनी लिमिटेड (जुस्को) का नाम को बदलकर टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड हो चुका है. इसके नाम को ब दलाव करने की सूचना जरूरी एजेंसियों को दे दिया गया है. वैसे कंपनी ने यह साफ किया है कि सिर्फ नाम बदलाव किया गया है. इस नाम बदलाव से न तो कोई अधिकारी बदला है और न ही किसी तरह का कोई कामकाज बदला है. वैसे यह नाम का बदलाव एक बड़ी खबर इसलिए भी है क्योंकि टाटा स्टील के नाम से यह कंपनी बना दी गयी है. वर्तमान में जुस्को के नाम के साथ सिर्फ जमशेदपुर जुड़ा हुआ था जबकि यह काम देश भर में कर रही है. ऐसे में जुस्को की पहचान टाटा से नहीं हो पा रही थी, जिस कारण भी यह बदलाव किया गया है. वैसे इस नाम बदलाव को कई मायनों में देखा जा रहा है. यह संभावना जतायी जा रही है कि आने वाले दिनों में टाटा स्टील के सारे सर्विस सेक्टर के विभागों का समायोजन इसी कंपनी में नहीं कर दी जाये. हालांकि, मैनेजमेंट और यूनियन दोनों इससे इनकार कर रही है. लेकिन इसको लेकर चर्चा जोरों पर है. हालांकि, जुस्को की प्रवक्ता सुकन्या ने बताया कि यह बोर्ड का फैसला है और इसको ले कर और किसी भी भविष्य की कोई योजना नहीं है, सिर्फ नाम का बदलाव किया गया है. वैसे जुस्को के साथ टाटा स्टील का नामकरण होने के बाद टाटा स्टील की अन्य सर्विस सेक्टर की सामान आधार वाली कंपनी का समायोजन भी होगा. टाटा पिगमेंट समेत तमाम कंपनियां इसमें जुड़कर काम करेगी जबकि टाटा स्टील के भीतर भी कई सारे ऐसे विभाग है, जो सर्विस और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में काम करती है, जिसका समायोजन होकर यह कंपनी का संचालन होगा.
2005 में अस्तित्व में आया था जुस्को, 15 साल बाद बदला नाम
टाटा स्टील के टाउन सर्विसेज विभाग को वर्ष 2005 में अलग कंपनी बना दी गयी थी. उस वक्त टाटा स्टील के एमडी बी मुथुरमण होते थे जबकि टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष आरबीबी सिंह हुआ करते थे. 2005 में जब यह अलग कंपनी बनी थी तो काफी हंगामा भी हुआ था. लेकिन अंतत: यह कंपनी बन गयी और 15 साल तक सुचारु रुप से चली. 2005 के बाद 2020 में जाकर कंपनी के नाम को बदला गया है.
जुस्को के एमडी समेत तमाम पदाधिकारी अपने पद पर बने रहेंगे
जुस्को के नाम को बदलने के बाद भी एमडी तरुण डागा ही एमडी के तौर पर काम करते रहेंगे. अभी इसका नाम बदला गया है, लेकिन समायोजन अप्रैल माह तक कर लेना है, ऐसी योजना है. ऐसे में एमडी को कहा गया है कि वे अपने पद पर बने रहकर काम करते रहे.







