
जमशेदपुर : जमशेदपुर से सिदगोड़ा थाना अंतर्गत बारीडीह स्थित विद्यापतिनगर निवासी नरेंद्र श्रीवास्तव को रांची की सीबीआइ (आर्थिक अपराध शाखा) की टीम ने बुधवार को गिरफ्तार कर ले गयी. नरेंद्र श्रीवास्तव को पंजाब नेशनल बैंक से 9.63 करोड़ रुपये के लोन घोटाला के मामले में आरोपी बनाया गया है. उनका अंतरिम बेल भी रिजेक्ट हो चुका था जबकि उसके खिलाफ कुर्की जब्ती वारंट जारी कर दिया गया था.
इस घोटाले के बाद से नरेंद्र श्रीवास्तव फरार चल रहा था. बुधवार को रांची से सीबीआइ की एक टीम जमशेदपुर पहुंची और सिदगोड़ा थाना की पुलिस की मदद से विद्यापतिनगर स्थित नरेंद्र श्रीवास्तव के घर पर कुर्की जब्ती करने पहुंची. हालांकि, नरेंद्र श्रीवास्तव द्वारा सीबीआइ के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया गया. सीबीआइ ने कागजी कार्रवाई के बाद नरेंद्र श्रीवास्तव को कस्टडी में लिया और रांची ले गई. फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है.

ज्ञात हो कि नरेंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ 2 मई 2014 को पीएनबी के साकची शाखा से फर्जी दस्तावेज के सहारे 9.63 करोड़ रुपये का लोन लेने का मामला सामने आया है. इस मामले में उनकी पत्नी मीरा श्रीवास्तव, जमशेदपुर के ही विजय कुमार सिंह, जमशेदपुर के ही अमरेंद्र कुमार सिंह, जमशेदपुर के ही मनोज कुमार दास और रांची के राकेश कपूर पर मामला दर्ज किया गया था. इस मामले को सीबीआइ की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा अनुसंधान किया जा रहा था. इस मामले में सीबीआइ ने दो मई 2014 को पंजाब नेशनल बैंक की साकची शाखा में हुई जालसाजी के मामले में दो एफआइआर (आरसी-5/2014 और आरसी-6/2014) दर्ज किया था. आरसी-5/2014 में नरेंद्र श्रीवास्तव और उनकी पत्नी मीरा श्रीवास्तव समेत अन्य लोगों पर 9.63 करोड़ रुपये का फरजी दस्तावेज के सहारे लोन लेने का आरोप है.







