
सरायकेला : समाज में ऐसे हजारों सैकड़ो लोग है, जो बच्चे के लिए तरस रहे है जबकि इसी भीड़ में कई ऐसे लोग है, जो नवजात बच्चों को सड़कों के किनारे, कहीं कूड़ेदान में तो कहीं और फेंक देते है. ऐसा ही वाक्या सोमवार को देखने को मिला सरायकेला-खरसावां जिले में. जिला में एक बार फिर से मां की ममता शर्मसार हुई है. जहां बीती देर रात सरायकेला के सदर थानान्तर्गत तितिरबिला पुलिया के पास एक नवजात शिशु मिलने से सनसनी फैल गई. उधर बच्चे की आवाज सुनकर एक व्यक्ति ने थाना को सूचना दी. वहीं पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा नवजात बच्चे अस्पताल लाया गया. जहां उसकी स्थिति अभी स्वस्थ्य बतायी जा रही है. इधर प्रशासन द्वारा बच्चे के माता-पिता को ढूंढने का प्रयास जारी है. इस संबंध में जानकारी देते हुए बाल संरक्षण पदाधिकारी संतोष ठाकुर ने बताया कि बच्चे के माता-पिता को पहले ढूंढा जाएगा. वहीं इस बच्चे को जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. इस बीच बच्चों के स्वास्थ्य का ख्याल रखा जा रहा है. बच्चा ऐसा है कि हर किसी का दिल पसीज जाये, लेकिन मां-बाप जो उनके थे, वे कैसे थे कि उनका दिल नहीं पसीजा और उसको फेंक दिया. बच्चा कभी रोता है, कभी बिलखता है. मां की दूध की जब सबसे ज्यादा बच्चे को जरूरत होती है, तब उसको मां का दूध नहीं मिल रहा है बल्कि उसको डिब्बा का दूध पिलाया जा रहा है. स्वास्थ्यकर्मी उसको डब्बे का दूध पिलाते है तो कभी पुचकारते है, लेकिन बेचारा बच्चा मां के बगैर कैसे चल सकता है तो बच्चा की परवरिश स्वास्थ्यकर्मी तो कर रहे है, लेकिन उसको सुलाना ही मुश्किल हो जा रहा है, उसकी आंखें मानो यह कह रही है कि माता-पिता मुझे दुनिया में लाने के बाद मुझे ऐसा क्यों फेंक दिया, मेरा क्या गुनाह था.














