
जमशेदपुर : टाटा मोटर्स के दिवंगत बाइ-सिक्स कर्मी आलोक रंजन की आत्महत्या के बाद मामले में परसुडीह पुलिस ने अंतत: काफी जद्दोजहद के बाद एफआइआर दर्ज कर दी. एफआइआर में टाटा मोटर्स के सिक्यूरिटी ऑफिसर विशाल सिंह और टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के महामंत्री आरके सिंह को आरोपी बनाया गया है. उनके खिलाफ धारा 306 यानी आत्महत्या के लिए प्रेरित करने और धारा 354 यानी किसी महिला की मर्यादा को भंग करने (महिला की लज्जा भंग कर अनैतिक संबंध बनाने के लिए दबाव देने ) का मुकदमा दायर किया गया है. डीजीपी के आदेश के बाद सिटी एसपी ने पूरे मामले में परसुडीह थाना को कार्रवाई का आदेश दिया था. शुक्रवार की सुबह में विधवा और उसके साथ आजसू के जिला प्रवक्ता अप्पू तिवारी, टाटा मोटर्स यूनियन के पूर्व महामंत्री प्रकाश कुमार, हर्षवर्धन सिंह और सतीश गुप्ता भी गये थे. इन लोगों ने लिखित शिकायत दिया था, जिसके आधार पर शुक्रवार की रात ही करीब नौ बजे उसके खिलाफ एफआइआर दायर कर दिया गया. मामले में परसुडीह थाना प्रभारी से मिलकर महिला ने शिकायत जो सौंपा है और अभियुक्तों की अविलंब गिरफ्तारी की माँग करते हुए न्याय दिलाने की अपील की थी. लिखित शिकायत में जिक्र है कि बाईसिक्स कर्मी आलोक रंजन को नाईट शिफ़्ट करने के लिए अफ़सर विशाल सिंह और आरके सिंह बाध्य करते थे। वे आलोक रंजन की पत्नी से अवैध संबंध कि अनैतिक माँग करते थे। इंकार करने पर उनके पति को ड्यूटी से वापस भेज दिया गया। जब पीड़िता ने कॉल कर के विशाल सिंह ने पूछा तो उसने कॉल पर भी गंदी बातें, अश्लील और अभद्र बातें कहते हुए अनैतिक संबंध बनाने की बात दुहराई अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही। मामले में सिक्युरिटी अफ़सर विशाल सिंह के अलावे टाटा मोटर्स यूनियन के महामंत्री और आलोक रंजन के बॉस आरके सिंह पर विशाल भी गंभीर आरोप है। इसके अलावे यूनियन के अध्यक्ष गुरमीत सिंह तोते पर मामले में सहयोग ना करने का भी जिक्र है। पीड़िता ने लिखित आवेदन में जिक्र किया है कि उनके पति ने अपने अफ़सरो की प्रताड़ना और अनैतिक माँग से ऊबकर आत्महत्या कर लिया। इसके अलावे 05 मई को जब पीड़िता यूनियन महामंत्री आरके सिंह के घर पर बच्चों सहित न्याय माँगने के लिये गई थी तो उस दिन आरके सिंह के परिवार वालों सहित उनके मित्र अनिल शर्मा ने लज्जाजनक लाँछन लगाते हुए पीड़िता के साथ धक्का मुक्की और अभद्रता किया। अनिल शर्मा और आरके पर भी आरोप है कि उन्होंने दबाव बनाया की यदि सीनियर अफसरों की माँग मान गई होती तो ये दिन नहीं देखना पड़ता। इन दोनों ने दुबारा से अनैतिक संबंध बनाने की बातों को दुहराते हुए दबाव बनाया था। लोकलज्जा और पति के श्राद्धकर्म की वजह से काफ़ी समय तक पीड़िता ने बर्दाश्त किया लेकिन अब वे न्याय के लिए क़ानूनी संघर्ष करेंगी। इस मामले में आवेदन प्राप्त करने के बाद परसुडीह थाना प्रभारी ने पीड़िता को आश्वस्त किया कि शिकायत के आधार पर सुसंगत धाराओं के तहत अभियुक्तों पर केस दर्ज़ की जायेगी। आजसू जिला प्रवक्ता अप्पू तिवारी और हर्षवर्धन सिंह ने अभियुक्त अफसरों को अविलंब गिरफ्तार करने की माँग उठायी थी.







