
जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो के मुख्य गोलचक्कर में बाइक जलाने के मामले में जमशेदपुर पुलिस ने अपनी अब तक की जांच की वस्तुस्थिति की जानकारी दी है. इस मामले में जमशेदपुर पुलिस की ओर से बताया गया है कि मानगो में बाइक जलाने के मामले में एसपी सिटी द्वारा जांच की गई है. बाइक का मालिक पुरुलिया रोड में तैनात चेक पोस्ट में ड्यूटी करने वाले जवान के साथ ड्यूटी करने में दिक्कतें पैदा कर रहे थे. इस कारण उस जवान ने उस बाइक को ट्रैफिक थाना के सामने खड़ा कर दिया और अपनी ड्यूटी करने के लिए चले गए. उस समय गाड़ी का मालिक अपनी गाड़ी से तेल निकाल कर गाड़ी जला दी. वह व्यक्ति मानगो बस स्टैंड में टिकट एजेंट का काम करते है. उनके द्वारा यह कहना कि लॉक डाउन खुलने के बाद भी पुलिस क्यों चेकिंग कर रही है. इनका मेडिकल जांच कराया गया. मेडिकल जांच में यह पाया गया कि वह मशे में था और उसके शरीर मे अल्काहल 15000 मिलीग्राम पर 100 मिलीलीटर पाया गया, जो काफी अधिक मात्रा है. गाड़ी इनके नाम पर नहीं है दूसरे का नाम पर है. गाड़ी का मालिक के बारे में जांच चल रही है. वहां पर किसी ट्रैफिक सिपाही द्वारा इनका चालान काटने के बाद सामने नहीं आई है.
दूसरी ओर बाइक जलाने वाले ने साफ तौर पर कहा है कि पुलिस घूस मांगती थी जिससे आजीज होकर उसने बाइक को जला दिया. हालांकि, थाना पहुंचने पर भी वह नही माना और थाना में कहा कि पुलिस के पास कई सिस्टम है और वह कुछ भी आरोप लगा सकती है. फ़िलहाल इस मामले ने पुलिस पर जरूर सवालिया निशान लगा दिया है कि कोई व्यक्ति अपनी बाइक को सिर्फ इसलिए जला दिया क्योंकि वह नशे में था और पुलिस के सामने ही ऐसा कर दिया और पुलिस वहां बैकफुट पर नजर आई और जब मामला बढ़ा तो उसके खिलाफ ही अब सरकारी कार्य मे बाधा का मामला बनाकर दबाव बना दिया और जांच में शराब के नशे में होना बताया गया.






