आदित्यपुर : सरायकेला- खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना अंतर्गत हरिओम नगर रोड नम्बर 5 बी में बीते 17 नवंबर को जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में दिनभर विवाद हुआ. विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और श्रीकांत सिंह, कृष्णा सिंह व 10- 15 लोगों ने पड़ोसी परितोष कुमार, राहुल कुमार, रामलगन चौधरी, जगदेव प्रसाद चौरसिया, प्रमोद मंडल, नरेश मंडल और पिंकी देवी पर जानलेवा हमला कर दिया. जिसके बाद सभी घायलों को पहले आदित्यपुर शहरी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां से सभी को एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया मामले में आदित्यपुर थाना पुलिस पीड़ितों की शिकायत पर मामले के नामजद अभियुक्त श्रीकांत सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है जबकि मामले के अन्य नामजद अभियुक्त कृष्णा सिंह एवं उनके किरायेदार सहित 10- 15 अज्ञात लोग फरार बताए जा रहे हैं. इधर घटना के बाद आदित्यपुर थाना में पैरवीकारों का जमघट लगा रहा. आदित्यपुर थाने में सभी के खिलाफ कांड संख्या 395/ 21 दर्ज करते हुए धारा 341/ 347/ 148/ 149/ 323/ 325/ 354 (b)/ 369/ 504/ 506/ 307/ 319 pc के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. विदित रहे कि बुधवार को श्रीकांत सिंह एवं उनके पुत्र कृष्णा सिंह ने जमीन विवाद को लेकर अपने पड़ोसी परितोष कुमार, राहुल कुमार उनके पिता रामलगन चौधरी, अन्य रिश्तेदार जगदेव प्रसाद चौरसिया, प्रमोद मंडल, नरेश मंडल और पिंकी देवी पर जानलेवा हमला करते हुए बुरी तरह से पिटाई कर डाली थी. इस दौरान उनके द्वारा लाठी, डंडे, साइकल के चेन व इंटों से वॉर किया था.जिसमें सभी गंभीर रूप से घायल हुए थे. सभी का पहले आदित्यपुर शहरी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराया गया. उसके बाद सभी को बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया. (नीचे देखिये वीडियो पूरा खबर)

इस पूरे घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्काल मामले पर संज्ञान लेते हुए आरोपी श्रीकांत सिंह को हिरासत में ले लिया और उनसे पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया. वहीं मामले की पैरवी करने सफेदपोश से लेकर समाज के संभ्रांत लोगों का थाना परिसर में जमावड़ा देखा गया, हालांकि पुलिस की ओर से किसी तरह की नरमी नहीं बरती गई है. वैसे घटना का वीडियो फुटेज देखने के बाद भी संभ्रांत लोगों को पैरवी करने पहुंचने की चर्चा आदित्यपुर में होती रही. लोग दबी जुबान से इस घटना की निंदा भी करते सुने गए. इधर पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपियों ने भी पीड़ितों के खिलाफ काउंटर केस दर्ज कराया है. इसका आधार कृष्णा सिंह ने पीड़ितों पर ईंट से हमला कर सर फोड़े जाने का जिक्र किया है. इधर शनिवार को पीड़ित पक्ष थाने की दौड़ लगाते देखे गए. जहां उनके द्वारा बताया गया कि थाना की ओर से उन्हें उनके द्वारा दर्ज एफआईआर की रिसीविंग नहीं दी जा रही है उल्टा उनके खिलाफ काउंटर केस दर्ज कर दिया गया है, जबकि उनकी ओर से किसी तरह का हमला नहीं किया गया है. उनपर केस उठाने का दबाव बनाया जा रहा है इसलिए पुलिस की ओर से काउंटर केस दर्ज कर दिया गया है. पीड़ित परिवार ने इंसाफ की गुहार लगाई है. वैसे हमारे पास वह वीडियो मौजूद हैं, जिसमें आप साफ देख सकते हैं किस तरह पीड़ित परिवार को बुरी तरह मार पीटकर घायल करने के बाद कृष्णा सिंह खुद ईंट से अपना सर फोड़ते नजर आ रहा है. अब आप तय करें आखिर इस मामले में कैसा इंसाफ होना चाहिए. क्या पुलिस- प्रशासन और संभ्रांत समाज में ऐसी घटनाओं की इजाजत है. वैसे इस मामले के पर्याप्त प्रमाण रहने के बाद भी आदित्यपुर थाना पुलिस की कार्रवाई अबतक संतोषजनक नजर नहीं आ रही है. क्योंकि एक को छोड़ घटना के सभी आरोपी अबतक पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं.











