
रांची : झारखंड के जेलों की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है. राज्य के जेलों की चाहरदिवारी के किनारे-किनारे बिजली का करंट दौड़ रहा है ताकि अगर कोई जेल से बाहर भागने या अंदर आने की कोशिश करेगा तो बिजली के झटके से वह घायल हो जायेगा. इसको लेकर लगभग सभी जेलों में कार्रवाई की जा रही है. जेलों की सुरक्षा को लेकर इलेक्ट्रिक फेंसिंग करने का काम कर लिया गया है. केंद्रीय कारा जमशेदपुर, चास मंडल कारा, साहेबगंज, केंद्रीय कारा दुमका, रामगढ़, राजमहल, तेनुघाट में यह काम पूरा कर लिया गया है. नक्सल प्रभावित राज्य होने के कारण यह अलर्ट रखा गया है. नक्सल प्रभावित झारखंड के गुमला, लातेहार, खूंटी, सिमडेगा, चाईबासा, दुमका, गिरीडीह, पलामू, गढ़वा, चतरा, लोहरदगा समेत अन्य जिलों में भी यह व्यवस्था किया जा रहा है. नौ दिसंबर 2014 को चाईबासा में नक्सलियों ने जेल ब्रेक कर दिया था, जिसमें 15 नक्सली भाग निकले थे जबकि दो नक्सलियों को पुलिस ने मार गिराया था. बाद में कई नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया था जबकि कई नक्सली ग़ब भी फरार ही चल रहे है. इसके अलावा लातेहार के मंडल कारा से दोपहर दो कैदी जेल की दीवार फांदकर भाग गये थे. घाघीडीह केंद्रीय कारा की सुरक्षा में सेंधमारी पर 22 फीट ऊंची दीवार कूदकर प्रदीप पटेल उर्फ पकौड़ी जेल के सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर शौचालय के रोशनदान के रास्ते निकलकर पाइपलाइन के सहारे जेल से भाग निकला था. बाद में पुलिस ने उसको गिरफ्तार किया था. उपरोक्त सारी घटनाओं के बाद राज्य के जेलों को काफी सुरक्षित बनाने का काम किया जा रहा है.





