
सरायकेला : बीते 22 अप्रैल को आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 29 में के महावीर नगर में श्राद्ध भोज का बचा खाना बांटने के मामले में आज नाटकीय मोड़ आया है. जहां चार दिनों बाद भाजपा नेता स्वप्निल सिंह ने आरआईटी मंडल अध्यक्ष मनोज तिवारी के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान महावीर नगर में श्राद्ध भोज का बचा खाना बांटने की घटना को सिरे से खारिज करते हुए बताया कि उनके छोटे भाई की पत्नी की सालगिरह के मौके पर जो खाना बचा था उसे महावीर नगर वासियों को बांटा गया है.

वैसे शार्प भारत के पास पुख्ता प्रमाण है कि भाजपाइयों के द्वारा महावीर नगर में मोदी आहार के नाम पर श्राद्धभोज का बचा खाना बांटा गया था, लेकिन जिस तरह से भाजपाई अपनी गलतियों पर पर्दा डालने का काम कर रहे हैं, उससे साफ प्रतीत होता है कि वे अपनी गलतियों को छिपाने में जुट गए हैं. वैसे भाजपा नेता स्वप्निल सिंह एवं आरआईटी मंडल अध्यक्ष मनोज तिवारी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुद आपदा अधिनियम 188 का उल्लंघन मामले में फंस सकते हैं. क्योंकि इनके द्वारा महावीर नगर में 22 तारीख को खाना बांटने का परमिशन जिला प्रशासन से नहीं लिया गया था. इसकी पुष्टि आरआईटी थाना एवं एसडीओ ने कर दी है.
वैसे एक गलती को छुपाने के लिए भाजपाई लगातार गलती पर गलती किए चले जा रहे हैं, लेकिन इसी गलती को छुपाने के चक्कर में उन्होंने प्रशासन को कानून के उल्लंघन का प्रमाण भी दे दिया. वैसे प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिस कंटेनर में खाना देने की बात कही जा रही है वह कंटेनर भोजन प्राप्त लोगों से भिन्न है इसके भी प्रमाण हमारे पास उपलब्ध हैं. हालांकि पूरे मामले की जांच एसडीओ द्वारा किए जाने की जिम्मेवारी गम्हरिया सीओ को सौंपी गई है अब देखना यह है कि मामले पर जांच कब शुरू होता है और रिपोर्ट कब तक आती है. हालांकि भाजपाइयों के इस करतूत से स्थानीय जनमानस में काफी आक्रोश है. इसके अलावा क्षेत्र में राजनीतिक बहस भी छिड़ गया है. हालांकि इस दौरान भाजपाइयों द्वारा महावीर नगर वासियों को काफी मनाने का प्रयास किया गया. और वहां बस्ती वासियों में फूट डालने का भी काम किया गया. साथ ही झुमुक लाल पर भी बयान बदलने का दबाव बनाया गया, लेकिन हमारे पास इन सब के पुख्ता प्रमाण उपलब्ध है. जांच अधिकारी चाहे तो हमसे सभी प्रमाण ले सकते हैं. वैसे पार्टी आलाकमान अब तक पूरे मामले में चुप्पी साध रखी है जिससे इन नेताओं को और बल मिल रहा है. एक तरफ पीएम मोदी देश को बचाने में लगे हैं. गरीबों की सेवा करने का आह्वान कर रहे हैं. और उनके नाम पर ये भाजपाई घटिया स्तर की राजनीति कर रहे हैं. ऐसे में पार्टी आलाकमान आखिर किसके दबाव में इन नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है यह समझ से परे है.





