
रांची : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ पीसी एक्ट (प्रीवेंशन ऑफ करप्सन एक्ट) के तहत 2016 में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुए हार्स ट्रेडिंग के केस में नाम डाला गया है. रघुवर दास के खिलाफ अप्राथमिक अभियुक्त बताते हुए केस दर्ज किया गया है. करीब चार दिनों की चुप्पी के बाद इस मामले में बाबूलाल मरांडी ने अपना मुंह खोला है. बाबूलाल मरांडी अभी भाजपा के विधायक दल के नेता है और पहले अपनी पार्टी झारखंड विकास मोर्चा चलाते थे, जिनके वे खुद सुप्रीमो थे. वे झाविमो के सुप्रीमो रहते हुए राज्यसभा के 2016 के चुनाव में भाजपा की विधायक निर्मला देवी और उनके पति पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के साथ भाजपा के पक्ष में वोट कराने के लिए घूस ऑफर देने की शिकायत दर्ज करायी थी. इसको चुनाव आयोग ने सही मानते हुए मामले में रांची के एक थाना में केस दर्ज कर दिया गया. करीब पांच साल के बाद इस मामले में रघुवर दास का भी नाम जोड़ दिया गया. यह राज्यसभा चुनाव तब हुआ था, जब रघुवर दास सीएम थे और उनके सलाहकार अजय कुमार थे. इस मामले में अजय कुमार भी आरोपी है जबकि एडीजी अनुराग गुप्ता भी इस मामले में आरोपी है. इस मामले में अभी जाकर केस दर्ज होने के बाद सियासी बवंडर मचा हुआ था और सारे लोग बाबूलाल मरांडी की तरफ देख रहे थे क्योंकि उस वक्त बाबूलाल मरांडी की शिकायत पर यह मामला दर्ज हुआ था और अब इस मामले में खुद भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास फंस चुके है. इस मामले में बाबूलाल मरांडी ने शुक्रवार को अपना मुंह खोला और ट्विट कर कहा है ”राज्यसभा चुनाव की जांच को मैंने हरसंभव सहयोग किया है. लेकिन पुलिस अधिकारियों की भूमिका अब निष्पक्ष नहीं लग रही है. तीन सालों में पुलिस अनुसंधान में एक कदम आगे नहीं बढ़ पायी. अधिकारी पुराने पत्र के आधार पर पीसी एक्ट की धाराएं जोड़ रहे हैं. अधिकारियों को जांच में आये तथ्यों के आधार पर धाराएं जोड़नी चाहिए. इसकी वजह राजनीतिक या निजी नहीं होनी चाहिये. राजनीति में निजी वैमनस्यता के लिये पुलिस का बेजा इस्तेमाल किसी पक्ष के लिये ठीक नहीं है.”
झामुमो ने दो दिन पहले बाबूलाल मरांडी को ट्विटर पर ललकारा था
झामुमो ने इस मामले में बाबूलाल मरांडी को ललकारा था. झामुमो ने ट्विटर पर कहा था कि बाबूलाल जी कह दीजिये की आपसे 2016 में गलती हो गयी थी. सत्ता और कुर्सी के लोभ के लिए अपनी अंतरात्मा से समझौता कर लीजिए. बता दीजिए की रघुवर दास निर्दोष थे. आप उनकी महानता नहीं समझ पाये थे या फिर सामने आकर राज्यवासियों को बताएं की कैसे रघुवर दास ने होर्स ट्रेडिंग की थी ? हमें पूरी उम्मीद है की आप सच का साथ अवश्य देंगे. अन्यथा राज्य मान लेगा की आप सत्ता लोलुप्ता में किसी भी हद तक गिर सकते हैं. आज आपका सच से सामना हो रहा है पत्रवीर बाबुलाल मरांडी जी- आज पीठ दिखा कर भागिएगा मत.






