जमशेदपुर : झारखंड के हेमंत सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल को भाजपा ने झूठ और लूट का दो वर्ष करार दिया है. साथ ही हेमंत सरकार के दो साल झारखंड बेहाल का नारा भी दिया है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सह पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने गुरुवार को जमशेदपुर के भालुबासा स्थित एक होटल में एक संवाददाता सम्मेलन में ये बातें कही. संवाददाता सम्मेलन में भाजपा के जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष गूंजन यादव, महामंत्री राकेश सिंह समेत अन्य लोग मौजूद थे. रघुवर दास ने कहा कि वे भी पांच वर्ष तक सरकार के मुखिया रहे हैं और उस वक्त वर्षगांठ मनाने हेतु लाखों-लाख रुपये खर्च नही किया करते थे, बल्कि मीडिया के माध्यम से अपने कार्यकाल का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते थे. उन्होंने कहा कि चुनाव के पूर्व ढेरों वायदे जनता से किये थे, लेकिन दो वर्षों में एक भी वायदा पूरा नही किया गया. उन्होंने कहा कि झारखंड के वीर शहीद निर्मल महतो के शहादत दिवस के दिन राज्य के मुख्यमंत्री ने पांच लाख नौकरी देंगे और अगर नौकरी नहीं मिली तो ग्रेजुएट तक के युवकों को 5000 रुपये और पोस्ट ग्रेजुएट वालों को 7000 रुपये बेरोजगारी भत्ता देंगे अन्यथा राजनीति से सन्यास ले लेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सलाह दी है कि अब समय आ गया है. उनसे दो साल तक सरकार नहीं चल पाया. झामुमो के पास स्टीफन मरांडी, लोबिन हेम्ब्रम जैसे कद्दावर लोग है, उनको सरकार चलाने दीजिये और खुद सन्यास ले लीजिये क्योंकि अब तक नौकरी नहीं दी गयी. उन्होंने कहा कि जब उनका कार्यकाल था तब उन्होंने नौकरियां दी थी, लोगों को रोजगार से जोड़ा था, उन सारे लोगों को रोजगार से हटा दिया. हेमंत सोरेन की सरकार सिर्फ राज्य में फूट डालो राज करो की नीति पर चल रही है. हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणियां यह बता रही है कि किस तरह से सरकार चल रही है. कोरोना काल के दौरान भी राज्य सरकार गहरी नींद में थी, जिस पर उच्च न्यायालय ने कई बार सरकार की खिंचाई की और कई मामलों पर संज्ञान लिया. (नीचे देखे पूरी खबर और वीडियो बयान)
रूपा तिर्की हत्या मामले में राज्य सरकार के ढुलमुल रवैये के बाद न्यायालय ने इस पर संज्ञान लिया और मामले की सीबीआई जांच शुरू हुई. जब राज्य में भाजपा की सरकार थी, तब पहले दो वर्ष में ही 31 हजार सरकारी नियुक्तियां हुई थी. सहायक पुलिस की नियुक्ति उनकी सरकार ने की थी और उन्हें भी हेमंत सरकार ने बाहर कर दिया. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हेमंत सरकार पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, कि ये सरकार केवल तुष्टिकरण की राजनीति की राह पर चल रही है, जिसका उदारहण विधानसभा भवन में नमाज कक्ष आवंटित किया जाना था. साथ ही नियोजन नीति में हिंदी भाषा को भी इस सरकार ने बाहर कर दिया और उर्दू को शामिल कर दिया. राज्य में दो वर्ष के अंदर 400 से ज्यादा आदिवासी महिलाओं के साथ दुष्कर्म के मामले सामने आए है. साथ ही वृद्धा पेंशन भी लोगों को नही मिल रहा है. पूर्व सरकार ने मुख्यमंत्री असाध्य रोग योजना के तहत 400 बीमारियों का इलाज होता था, लेकिन हेमंत सरकार ने अब इस योजना में केवल 4 बीमारियों को शामिल किया है. प्राकृतिक संसाधनों की लूट भी इस सरकार में चरम सीमा पर है. उन्होंने सभी क्षेत्र में राज्य सरकार को पूर्णतः विफल बताया. साथ ही मुख्यमंत्री को अक्षम और सारे मंत्रियों अपरिपक्व बताया. यह सरकार सिर्फ बिचौलियों की चल रही है. दारू माफियाओं का राज हो रहा है. अंडमान निकोबार से जो प्लेन से मजदूरों को लाया गया था, उसका पैसा भी सरकार ने नहीं बल्कि दारु वालों ने किया था. (नीचे देखे पूरी खबर और वीडियो बयान)
हिंदी भाषा को राज्य की नौकरियों से हटाकर जहर बोने का काम किया गया है, अबुआ राज में बबुआ मुख्यमंत्री राज्य का भला नहीं कर सकते
उन्होंने कहा कि आज हिंदी को नौकरियों से हटाकर जहर बोने का काम हेमंत सोरेन और उनकी सरकार ने किया है. उनके सारे मंत्री अपरिपक्व है. अबुआ राज के नाम पर बबुआ मुख्यमंत्री का राज चल रहा है. आदिवासी मुख्यमंत्री के नाम पर वे मुख्यमंत्री बन चुके है, लेकिन अब तक आदिवासियों का कोई अहित नहीं हुआ है. सिदो कान्हू के वंशज रामेश्वर मुर्मू की हत्याके मामले में भी अन्याय किया गया. पीएम आवास के 3 लाख रुपये तक नहीं दिये गये. एक अक्षम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन साबित हुए है. जल जंगल जमीन के नाम पर तेजी से सोरेन परिवार के लोग माइंस पर कब्जा जमाये हुए है, जिस कारण संथाल परगना में एक भी माइंस नहीं चल पा रहा है. सौ करोड़ का बिना चालान का खनिज भेजने का खुलासा मीडिया ने पहले ही किया है. (नीचे देखे पूरी खबर और वीडियो बयान)
झामुमो ने सिर्फ झारखंड को बेचा है
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने झामुमो पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि झामुमो ने सिर्फ झारखंड को बेचने का काम किया है. 1993 में दो-दो करोड़ रुपये घूस लेकर झारखंड को बेच दिया गया था. अगर झारखंड अलग राज्य बनायी है तो भाजपा ने बनायी और स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का ही देन है कि यह राज्य अलग हो सका. (नीचे देखे पूरी खबर और वीडियो बयान)

टाटा है तो झारखंड की पहचान है, सबसे पहले टाटा की ठेकेदारी छोड़े झामुमो नेता
रघुवर दास ने टाटा के मसले पर हंगामा करने पर सवाल उठाया और कहा कि टाटा से ही झारखंड की पहचान है. वे जब चीन गये थे तो झारखंड को नहीं पहचानता था, लेकिन जैसे ही टाटा का नाम जाना तो सारे लोग पहचान गये. टाटा ने झारखंड को संभाला है. उसमें भी राजनीति की जा रही है. रांची में कैंसर अस्पताल टाटा समूह खोलने जा रहा है, लेकिन उसमें भी अड़ंगा पैदा किया जा रहा है. यह गलत है. (नीचे देखे पूरी खबर और वीडियो बयान)

जमशेदपुर की जनता को चुनाव में झूठ और जात-पात करके हमको हराया गया था, आज जनता कह रही है कि उनसे गलती हो गयी, पूछिये उनसे जो चुनाव जीते है क्यों काम नहीं कर रहे है
जमशेदपुर पूर्वी से विधायक सरयू राय पर पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि जनता को चुनाव में झूठ बोलकर और जात-पात करके उनको हराया गया था. आज जनता खुद कह रही है कि उनसे गलती हो गयी है. चुनाव जो लोग जीते है, उनसे मीडिया को पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने क्या किया. उन्होंने सरयू राय पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग बोल रहे थे थे कि दो मुख्यमंत्री को जेल भेजे है, तीसरे मुख्यमंत्री को जेल भेजेंगे, यह कहाह गया. हम तो वहीं है. हमने ईमानदारी से काम किया था, जिस कारण हमारे विरोधी खोजकर भी हमारे खिलाफ कुछ नहीं कर पा रहे है. ऐसे लोग खुद ईमानदार का चोला ओढ़े हुए है. ऐसे लोगों का धनबाद, बोकारो, कानपुर, गुमला में संपत्ति है, वे अपना खुलासा करें.



