नयी दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण की अध्यक्षता में 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक हुई, जिसमें टैक्सपेयर्स को राहत देने वाले कई अहम फैसलों पर सहमति बनी. अब जीएसटी के तहत 10 हजार रुपये से कम टैक्स राशि के लिए डिमांड नोटिस नहीं भेजा जाएगा. इसके अलावा जीएसटी में गिरफ्तारी हटाने व अभियोजन की सीमा बढ़ाने की सिफारिश की गयी है. हलांकि इन बदलावों को लागू करने के प्रक्रिया एक अप्रैल 2027 से शुरू होगी. वित्त मंत्री ने कहा किअब जीएसटी दरों में बदलाव साल में एक बार करने का प्रयास किया जाएगा. जिन बिन्दुओं पर सहमति बन रही है, उसे एक अप्रैल 2027 से लागू होने के लिए ही लाया जाएगा. इससे कारोबारियों व टैक्सपेयर्स को टैक्स व्यवस्था में अधिक स्थिरता मिलने की उम्मीद है. सरकार का उद्देश्य छोटे मामलों में टैक्स प्रशासन की प्रक्रिया को आसान बनाना व टैक्सपेयर्स पर अनावश्यक अनुपालन का बोझ कम करना है. (नीचे भी पढ़े)
जीएसटी व्यवस्था में सामान्य पेनल्टी को भी कम करने की सिफारिश की गयी है. वित्त मंत्री के अनुसार सामान्य पेनल्टी की मौजूदा 25 हजार की सीमा को घटाकर 10 हजार करने का प्रस्ताव है. सरकार का मानना है कि इससे छोटे अनुपालन संबंधी मामलों में कारोबारियों को राहत मिलेगी. साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी प्रशासन मे फेसलेस व्यवस्था लागू करने की दिशा में बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि आयकर विभाग में लागू फेसलेस सिस्टम को टैक्सपेयर्स से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है. इसी के आधार पर अब सीजीएसटी प्रशासन में भी इस सुधार को आगे बढ़ाने की योजना है. साथ ही इस बैठक के एजेंडे में शामिल लगभग सभी मुद्दों पर सहमति बन गयी है. आगे दो मुद्दों की समीक्षा के लिए अधिकारियों की एक कमेटी बनायी जाएगी.





