
जमशेदपुर : पूर्व में जुगसलाई विधानसभा में कांग्रेस पार्टी के टिकट से दो बार विधानसभा का चुनाव लड़ चुके दलित नेता हरि मुखी ने भाजपा से अपना त्यागपत्र दे दिया. हरि मुखी ने कहा कि वर्ष 2014 में देश के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यशैली से प्रभावित होकर वे भाजपा में शामिल हुए थे. 2014 से लेकर अभी तक भाजपा की सेवा में रहा. 2019 लोकसभा चुनाव में सांसद विद्युत वरण महतो ने दलित समाज व मुखी समाज के वोटरों को एकजुट करने के लिए उन्हें बड़ी जिम्मेवारी सौंपी जिसके बाद वे (हरि मुखी) जमशेदपुर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर दलित व मुखी समाज के वोटरों के बीच जाकर पार्टी का प्रचार-प्रसार किया. इसके फलस्वरूप मुखी समाज का 90% वोट भाजपा को प्राप्त हुआ व विद्युत वरण महतो को ऐतिहासिक जीत मिली. हरि ने कहा कि सांसद विद्युत वरण महतो व भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें जुगसलाई विधानसभा के पार्टी टिकट दिलाने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन जब टिकट की बारी आई तो उन्हें दरकिनार कर दिया गया. हरि मुखी ने कहा कि वे पूर्व में कांग्रेस पार्टी में महत्वपूर्ण पदों में रह चुके हैं, प्रदेश सचिव भी थे, बावजूद इसके पिछले आठ वर्षों में भाजपा संगठन में उन्हें कहीं भी सम्मानजनक जगह नहीं दी गयी. पूर्व में उन्हें भाजपा जमशेदपुर महानगर कार्यसमिति सदस्य व वर्तमान में जिला भाजपा अनुसूचित जाति कार्यसमिति में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया था. हरि मुखी ने कहा कि भाजपा दलित समाज के लोगों को सिर्फ मुखौटा बना कर रखी है. उन्होंने कहा कि हमारी बात तो दूर भाजपा झारखण्ड के आंदोलनकारी नेताओं को भी दरकिनार कर रखी है, भाजपा को दलितों और मूलनिवासियों से कोई मतलब नहीं है, भाजपा सिर्फ पूंजीपतियों की पार्टी है. हरि ने कहा कि वे विगत कुछ वर्षों से भाजपा में रहकर खुद को अपमानित महसूस कर रहें थे इसलिए वे अब भाजपा से अपना इस्तीफा दे रहें हैं. हरि ने कहा कि दलितों का उत्थान क्षेत्रीय दलों से ही संभव हैं इसीलिए शीघ्र वे क्षेत्रीय पार्टी में शामिल होकर दलित समाज की सेवा करते रहेंगे. हरि मुखी ने अपने इस्तीफा की एक प्रतिलिपि पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास के आवासीय कार्यालय में भी दी है.





