
जमशेदपुर : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ झारखंड स्थापना दिवस समारोह 2016 में टी शर्ट और टॉफी के घोटाले की भ्रष्टाचार निरोधक दस्ता (एसीबी) के खिलाफ जांच करने के लिए दिये गये आदेश के बाद सियासत गर्मा गयी है. इसको लेकर सत्ताधारी झामुमो ने संवाददाता सम्मेलन कर रघुवर दास को घेरा है. झामुमो ने पूर्व सीएम रघुवर दास पर बड़ा हमला किया है. झामुमो ने कहा कि पूर्व सीएम रघुवर दास का स्टैंडर्ड इसी से पता चलता है कि वे लड्ड़ू, पेड़ा रसगुल्ला छोड़कर बच्चों को टॉफी देने, टी-शर्ट देने के नाम पर भी घोटाला कर दिया. रघुवर दास कहते फिर रहे हैं कि उनकी सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ चली. जबकि उनके कैबिनेट के एक मिनिस्टर लगातार दो साल तक कैबिनेट की बैठक में केवल भ्रष्टाचार के नाम पर नहीं गए और उसकी बैठक की अध्यक्षता रघुवर करते रहे. उनके साथी मंत्री कह रहे हैं कि यह राजनीतिक विद्धैष है. अभी तो यह माचिस की तिल्ली है, अभी लाइटिंग होना और पूरी आग जलना बचा हुआ है. यह बातें झामुमो के वरिष्ठ नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने आयोजित एक प्रेस वार्ता में कही. उन्होंने कहा कि हद है कि एक सीएम ने 50 लाख का फर्जी टॉफी बांट दिया. 3 करोड़ का फर्जी टी-शर्ट बांट दिया. लैंड बैंक के नाम पर जमीन लूट हुई. जीएम लैंड को जमा करके चौमिन और बिस्कुट बनाने वालों को एकड़-एकड़ जमीन दे दिया गया. ऐसे सीएम ने झारखंड का नाम पूरे देश में खराब कर दिया. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने झारखंडी पहचान के साथ खिलवाड़ करने का काम किया. पांचवी अनुसूची, सीएनटी-एसपीटी एक्ट और समाजिक ताना-बाना को भंग करने का प्रयास किया. हाथी उड़ाने वाली यह सरकार ने हरमू नदी को हरमू नाला बना दिया. डैम को चुहे से कुतरा दिया. नौकरी एवं रोजगार का झूठा आंकड़ा प्रस्तुत किया. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि डबल इंजन सरकार, डबल इंजन सरकार के नाम पर राज्य को लूट लिया इन लोगों ने. यह एक ऐसी डबल इंजन की सरकार थी जिसकी बोगी ही नहीं थी. हमलोग कोयला क्षेत्र के लोग हैं यहां तो चार इंजन वाली गाड़ी होती है. बीच में कोयले का रेक होता है, मगर पूर्व की सरकार ऐसी डबल इंजन की सरकार थी जिसमें बीच में रेक ही नहीं था. उन्होंने कहा कि शायद ही किसी राज्य का ऐसा सीएम हुआ हो जो 300 कागजों का फोटोकॉपी लेकर पीसी करता हो. 17 पर पीसी करनी पड़ी. इसलिए पूर्व सीएम रघुवर दास और उनके मंत्रियों को वर्तमान सरकार पर एक जरा भी कुछ कहने की जरूरत नहीं है. यह सरकार अबुआ दिशुम, अबुआ राज वाली सरकार है. (नीचे पढ़े क्या है सरयू राय की पार्टी का बयान और भाजपा क्या कह रही है.)

इसको लेकर सरयू राय की पार्टी भारतीय जनतंत्र मोर्चा (भाजमो) ने हमला तेज किया है जबकि भाजपा ने भी इसका जवाब दिया है.
भाजमो जमशेदपुर महानगर के जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने प्रेस वक्तव्य जारी कर पूर्व रघुवर सरकार के दौरान वर्ष 2016 में राज्य स्थापना दिवस समारोह के दौरान सरकारी स्कूल के बच्चों के बीच टौफी, टीशर्ट के वितरण और गायिका सुनिधि चौहान के निजी कार्यक्रम के आयोजन की आड़ में हुए घोटाले और भ्रष्टाचार के खिलाफ झारखंड सरकार के द्वारा एसीबी जांच के लिए दिए गए आदेश का स्वागत किया है. श्री श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्ववर्ती रघुवर सरकार में झारखंड की सरकारी सम्पत्ति का दुरुपयोग और खजाने की जो बेहिसाब लूट हुई उसकी परतें जनता के बीच खुल चुकी है. यह सर्व विदित हो चुका है की झारखंड के तथाकथित विकास पुरूष रघुवर दास झारखंड के बहुचर्चित मेनहर्ट घोटाले, कंबल घोटाला, मोमेंटम झारखण्ड स्कैम, स्किल इंडिया नियुक्ती घोटाले सहित अन्य घोटालों में मुख्य किरदार का रोल अदा कर रहे हैं और सभी मामलों में उनकी सीधी संलिप्तता है. जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने भ्रष्टाचार के उपरोक्त सभी मामलों का पर्दाफाश किया है और कई मामलों में किताब लिखकर जनता को भ्रष्टाचार के सभी पहलुओं से अवगत कराया है. 2016 राज्य स्थापना दिवस समारोह में हुए घोटाले को भी श्री राय अपनी नई पुस्तक शिर्षक ” तिजोरी की लूट” के जरिए आगामी बसंत पंचमी को जनता के बीच उजागर करेंगे. उन्होनें इस लूट का खेल रचाने वाले शातिर दिमाग को बेनकाब किया है. झारखंड के माथे पर जो कलंक लगा था उसे तो जनता ने स्वयं साफ कर दिया था. रघुवर दास को अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के संगीन आरोपों को देखते हुए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए. उनके इस आचरण के कारण भाजपा को पूरे राज्य में हार का सामना करना पड़ा था. अब समय आ गया कि उन्हें उनके कुकृत्यों की सजा मिलें और वे बार-बार दोहराते थे कि उन्हें जेल कब भेजेंगे, उनकी यह मनोकामना भी पूरी हो. (नीचे पढ़े क्या है भाजपा का पलटवार)

भाजपा ने किया जांच को लेकर यह टिप्पणी
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास पर हेमन्त सरकार द्वारा स्थापना दिवस पर किये गए खर्च की जांच एसीबी से करने के फैसले पर सूबे की मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने पलटवार किया है. भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव ने शुक्रवार को जारी प्रेस-विज्ञप्ति में कहा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने पांच वर्ष के शासनकाल में बेदाग सरकार चलाई. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास पर पिछले सात वर्षों से विरोधी आरोप लगाने का मौका ढूंढ रहे हैं और हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी है. उन्होनें कहा कि आरोप लगाना इस सरकार के लिये कोई नई बात नही है परंतु जिस आरोप को स्वयं सदन के पटल पर क्लीन चिट दी गयी हो उस पर दोबारा एसीबी को जांच का आदेश देना हास्यास्पद है. इस आरोप के दोबारा जांच का आदेश ये सिद्ध करने के लिए काफी है कि ये सरकार पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास से किस प्रकार डरी हुई है. हेमंत सरकार द्वारा पुराने बंद हो चुके मामले में जांच का आदेश देना सरकार की बौखलाहट दर्शाती है. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हेमंत सरकार पर कई गंभीर हमले कर उन्हें चेताने का काम किया, पर जिस तरह से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हताशा में इस प्रकार का कदम उठाया है वो राज्य की जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास है. जो पूर्ण रूप से असफल प्रयास साबित होगा. उन्होंने राज्य सरकार से अविलंब निष्पक्ष जांच करने की मांग है. वहीं, भाजपा महानगर प्रवक्ता प्रेम झा ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव से लेकर आज तक विरोधियों ने पुर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास पर बस आरोप ही लगाती आयी है. कभी फ़ोन टेप के मामले तो कभी विधानसभा में फ़ाइल के मामले. सभी मामलों में रघुवर दास ने खुद को बेदाग साबित कर विरोधियों को चित्त किया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगर पूर्व सीएम रघुवर दास पर तमाम उचित/अनुचित होम-मेड साक्ष्यों के साथ आरोप लगा रही है तो इसमें आश्चर्यचकित होने जैसी कोई बात नही है. ये तरीका अपराजित योद्धाओं को पराजित करने का मौर्यकालीन व्यूह है. यानी कि ऐसा व्यक्ति जो वैचारिक युद्ध की हर कला के प्रावीण्य स्तर पर हो, उसे तार्किक रूप से पराजित नहीं किया जा सकता. वैसे ये तरीका कोई नवीन नहीं है बल्कि ये आचार्य चाणक्य के मगध का मौर्यकालीन तरीका है. परंतु राजनीति से प्रेरित आरोप प्रत्यारोप की अंतर्द्वंद्व में घिरी हेमंत सरकार राज्य की साढ़े तीन करोड़ जनता का कितना हित करेगी, इस पर बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया है.





