
जमशेदपुर : झारखंड के भाजपा के रघुवर दास के मुख्यमंत्री काल में हुए टी-शर्ट और टॉफी घोटाले में नया मोड़ आ गया है. विधायक सरयू राय ने इस मसले को लेकर एसीबी के पुलिस अधीक्षक को नया प्रमाण पेश किया है. सरयू राय ने एक पत्र लिखकर बताया है कि टी-शर्ट की आपूर्ति के संबंध में पंजाब सरकार के राज्य कर अपर आयुक्त द्वारा झारखण्ड सरकार के सचिव-सह-आयुक्त, वाणिज्य-कर विभाग को भेजे गये आपूर्ति विवरण तथा लुधियाना के कुडु फैब्रिक्स द्वारा भुगतान प्राप्त करने के लिए राँची के उपायुक्त को भेजे गये विवरण में काफी अन्तर है। राज्य कर आयुक्त, पंजाब सरकार ने सचिव-सह-आयुक्त, झारखण्ड सरकार को जो विवरण भेजा है, उसमें बताया गया है कि कुडु फैब्रिक्स ने टी-शर्ट बंडलों की 5 खेप सड़क मार्ग से और 6 खेप रेलमार्ग से क्रमशः धनबाद और रांची भेजा है. दूसरी ओर कुडु फैब्रिक्स ने उपायुक्त, रांची को, जो विवरण भुगतान प्राप्त करने हेतु भेजा है, उसके अनुसार टी-शर्ट की खेप कुल 13 विपत्रों द्वारा लुधियाना से रांची भेजी गई है, जिसमें से केवल 2 विपत्रों में महादेव लॉजिस्टिक्स नामक परिवहनकर्ता द्वारा परिवहन करने का उल्लेख है. शेष विपत्रों में टी-शर्ट की खेप लुधियाना से रांची टेम्पो द्वारा भेजे जाने का उल्लेख है. महादेव लॉजिस्टिक्स द्वारा परिवहन करने का उल्लेख दोनों विवरणियों में है, परन्तु कुडू फैब्रिक्स द्वारा रांची के उपायुक्त को भेजे गये विपत्रों में सुप्रीम फ्रेट कैरियर्स के विपत्र का उल्लेख नहीं है. इसकी जगह टेम्पो से परिवहन करने का उल्लेख है, इसमें परिवहनकर्ता के स्थान पर टेम्पो का उल्लेख किया गया है. पंजाब सरकार से झारखण्ड सरकार को भेजे गये विवरण के अनुसार कुल 3 करोड़ 56 लाख 5 हजार 824 रूपये की टी-शर्ट भेजी गई है, जिस पर उनके यहां केन्द्रीय कर का भुगतान लिया गया है परन्तु रांची के उपायुक्त के पास सीधे कुडु फैब्रिक्स द्वारा जो विवरण भेजा गया है, उसके अनुसार 4.65 करोड़ रूपये की टी-शर्ट भेजने की एवज में भुगतान लिया गया है. इससे स्पष्ट है कि लुधियाना से रांची आने वाले टी-शर्ट के बंडलों की दो विवरिणयों में काफी अंतर है. इसकी पड़ताल किये बिना ही उपायुक्त, रांची के कार्यालय से भुगतान कर दिया गया है. चूंकि, राज्य सरकार के आदेश पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) इसकी जांच कर रहा है इसलिए यह जानकारी उन्होंने साझा की है.





