
रांची : झारखंड में राज्यसभा का चुनाव होना है. 10 जून को इसके लिए वोटिंग होने वाली है. सांसद महेश पोद्दार और मुख्तार अब्बास नकवी का कार्यकाल जुलाई के प्रथम सप्ताह में समाप्त होने वाला है, जिसके लिए चुनाव आयोग ने 10 जून को वोटिंग कराने की अधिसूचना जारी कर दी है. इसको लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच रस्साकसी तेज कर दी गयी है. अभी से लाबिंग शुरू हो चुकी है. इसको लेकर सत्ता पक्ष में झामुमो और कांग्रेस के बीच रस्साकसी आंतरिक तौर पर चल रही है जबकि भाजपा चाहती है कि इन दो सीटों में से कम से एक सीट पर जरूर उनकी जीत हो जाये.
यह है झारखंड में राज्यसभा का अंकगणित
झारखंड में 81 विधानसभा सीटों वाली झारखंड विधानसभा में सत्ता पक्ष के पास अभी 49 विधायक थे, लेकिन अब 48 विधायक रह गये है. कांग्रेस के एक विधायक बंधु तिर्की की विधायकी समाप्त हो चुका है, जिसके बाद 48 विधायक ही बच गये है. भाजपा के पास अपने विधायकों की संख्या सिर्फ 25 थी, लेकिन बाबूलाल मरांडी के भाजपा में शामिल हो जाने के बाद यह संख्या 26 हो चुकी है. आजसू के दो विधायक है जबकि निर्दलीय विधायक सरयू राय और अमित महतो के साथ-साथ एनसीपीस के भी एक विधायक कमलेश सिंह है. आजसू के साथ मिलकर झारखंड लोकतांत्रिक मोर्चा बनाया जा चुका है. ऐसे में भाजपा अगर सहयोग मांगेगी तो शर्तों के साथ हो सकता है कि सहयोग भाजपा को मिल जाये, लेकिन इस पर भी संशय है. वैसे वे लोग उम्मीदवार देखकर भी फैसला ले सकते है.
भाजपा में रघुवर दास के साथ-साथ कई लोग है दावेदार, बाहरी की भी हो सकती है इंट्री
आंकड़ों पर अगर गौर किया जाये तो झामुमो के पास 30 विधायक हैं, जो एक राज्यसभा सदस्य को उच्च सदन तक पहुंचाने के लिए सक्षम है. कांग्रेस का 17 विधायक भी है. ऐसे में सत्ता पक्ष को एक सीट पर किसी तरह की कोई दिक्कत ही नहीं है. भाजपा के लिए वैसे तो राज्यसभा चुनाव जीतना आसान नहीं है, लेकिन उसके पार्टी में कई दावेदार है, जो लामबंदी कर रहे है. राज्यसभा के लिए सबसे ऊपर नाम भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का आ रहा है. पिछली बार दीपक प्रकाश का जब चुनाव हुआ था, तब भी रघुवर दास का नाम था, लेकिन अंतिम समय में उनका नाम कट गया. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व सांसद डॉ रवींद्र राय का भी नाम आगे आया है. जबकि प्रदेश महामंत्री डॉ प्रदीप वर्मा, कोषाध्यक्ष दीपक बंका, प्रदेश महामंत्री आदित्य कुमार साहू का भी नाम सामने आया है. कुछ लोग बालमुकुंद सहाय का भी नाम ले रहे है. चूंकि, आजसू और सरयू राय को भी साथ लेना है, इस कारण यह संभव है कि अंतिम समय में इस बार भी रघुवर दास का नाम कट जाये. वैसे अंदरखाने यह भी बातें सामने आ रही है कि शुक्रवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात भी हुई है. इस कारण यह भी कयास लगाये जा रहे है कि कोई बाहरी व्यक्ति को भाजपा इंट्री करा दें. लेकिन भाजपा यह जरूर चाहती है कि किसी भी हाल में दूसरी वरीयता का वोट उनको मिले और उनका प्रत्याशी जीत जाये. एनसीपी के विधायक कमलेश सिंह पहले भाजपा के करीबी रह चुके है जबकि कमलेश सिंह चूंकि झारखंड लोकतांत्रिक मोर्चा में है, इस कारण यह संभव है कि एक साथ पांचों विधायक वोटिंग करें. अगर अंकगणित की बात की जाये तो भाजपा के पास 26 विधायक है, दो विधायक आजसू के जोड़े जाये तो 28 हो जाता है. 30 विधायक की संख्या जुटाने के लिए उनको हर हाल में अमित यादव और सरयू राय का समर्थन लेना ही होगा. इस कारण भाजपा चाहती है कि सरयू राय के पास वे लोग पहुंचकर अपना समर्थन मांग ही लें. वैसे प्रत्याशी की घोषणा के बाद इसकी कोशिशें शुरू हो सकती है.
झामुमो और कांग्रेस में राज्यसभा सीट के लिए रार
झामुमो और कांग्रेस में राज्यसभा सीट के लिए रार चल रहा है. राज्यसभा के खाली हुई सीट में कांग्रेस अपनी दावेदारी कर चुकी है. कांग्रेस के झारखंड प्रभारी अविनाश पांडेय कह चुके है कि राज्यसभा की खाली होने वाली सीट पर उनका हक बनता है क्योंकि पहले वे लोग गुरुजी शिबू सोरेन को राज्यसभा भेज चुके है. 17 विधायकों वाली कांग्रेस के पास ज्यादा विकल्प नहीं है, जब तक झामुमो नहीं चाहे कांग्रेस का प्रत्याशी राज्यसभा नहीं जा सकता है. वैसे झामुमो अकेले दम पर राज्यसभा में जा सकती है. इससे पहले राज्यसभा के चुनाव में गुरूजी शिबू सोरेन के साथ साथ कांग्रेस ने शहजादा अनवर को उम्मीदवार बनाया गया था. शहजादा अनवर को हार का मुंह देखना पड़ा था. भाजपा के दीपक प्रकाश और गुरुजी शिबू सोरेन जीत गये थे. इस कारण कांग्रेस वैसी स्थिति में नहीं है कि किसी तरह का विवाद पैदा कर चुनाव जीत जाये. झामुमो के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य कह चुके है कि झामुमो राज्यसभा चुनाव में अपना उम्मीदवारी देगी ही.
जानिये क्या है राज्यसभा चुनाव में जीत के आंकड़े, कुल कितनी सीटें है
राज्यसभा के लिए झारखंड में कुल 6 सीटें है. इसमें से दो के लिए 10 जून को मतदान होना है जबकि बाकि के 4 में से दो भाजपा के पास राज्यसभा की सीट है जबकि दो अन्य में से एक झामुमो और कांग्रेस के पास एक सांसद है. वोटिंग की जहां तक बात है तो राज्यसभा चुनाव के आंकड़ो पर गौर किया जाये तो चुनाव में जिसको भी 28 प्रथम वरीयता के मत हासिल हो जायेगा, वह उच्च सदन जा सकता है. दूसरी वरीयता के वोट के लिए जोड़तोड़ होती रही है. वैसे भाजपा इसको लेकर यह आशवस्त है कि आखिर उनको निर्दलीयों का वोट मिलेगा या नहीं.





