रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता हुई महागठबंधन विधायकों की बैठक में सभी विधायकों ने एकमत से एक होने की बात दोहराते हुए कहा एकता का संदेश दिया और भाजपा पर एन केन प्रकारण सरकार को गिराने का आरोप लगाया. महागठबंधन की बैठक में दोनो ही पार्टियों के 11 विधायकों के नहीं पहुंचने को लेकर राज्य में सयासी पारा गर्म होने के आसार है. बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि सभी विधायक एकमत हैं कि भाजपा के सपने को पूरा नहीं होने देंगे. सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी. इससे पहले बैठक में निर्णय लिया गया कि ग्रामसभा कर सरकार की योजनाओं को हर व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा. सभी विधायक क्षेत्र की समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री तक एक विशेष मोबाइल नंबर के जरिये पहुंचा सकेंगे. सुखाड़ प्रभावित किसानों को जल्द राहत के लिए युद्धस्तर पर काम शुरु होने की बात कही गई. इसके अलावा भी अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ. मुख्यमंत्री ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और सहयोग का भरोसा दिया. सीएम ने कहा कि यह जन आकांक्षाओं की सरकार है. बिना किसी भेदभाव के सभी लोगों के हित में मिलकर काम करना है. (नीचे भी पढ़े)
सत्तारूढ़ महागठबंधन की ओर बुलाई गई बैठक में जिन विधायकों की उपस्थित नहीं हो सके. इनमें से भूषण बाड़ा की फ्लाइट रांची में खराब मौसम के कारण नहीं पहुंच सकी. पूर्णिमा नीरज सिंह बाहर होने के कारण बैठक में नहीं आई. ममता देवी स्वास्थ्य कारणों से और शिल्पी नेहा तिर्की कांग्रेस के आला नेताओं के साथ दिल्ली में मुलाकात के कारण उपस्थित नहीं हो सकीं. वहीं झामुमो के सरफराज अहमद विदेश दौरे और चमरा लिंडा स्वास्थ्य कारणों से नहीं आये जबकि झामुमो के समीर मोहंती खराब मौसम के कारण देर शाम तक पहुंच पाए. झामुमो के ही बसंत सोरेन दिल्ली में होने के कारण मौजूद नहीं रहे. इसके अलावा कैशकांड में कांग्रेस के तीन गिरफ्तार विधायक कोलकाता में जमानत की प्रक्रिया में होने के कारण मौजूद नहीं रहे. इनमें इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोंगाड़ी शामिल हैं.






