जमशेदपुर : स्वस्थ लोकतंत्र के लिए यह अनिवार्य है कि हमारे पास तानाशाहीपूर्ण फैसलों के खिलाफ मजबूत विकल्प हो । वर्तमान में सम्प्रदायिक मानसिकता का बढ़ना काफी चिन्ताजनक है । वर्त्तमान केन्द्र सरकार की प्रस्फुटित अधिनायकवादी प्रवृत्तियों पर लगाम लगाने के लिए समान विचारधारा वाले राजनीतिक पार्टियों को एक साथ आने की आवश्यकता है। यह पूंजीवाद व्यापक बेरोजगारी और घटिया सम्प्रदायिक ताकतों के खिलाफ एक वैचारिक लड़ाई है । उक्त बातें झारखण्ड जनता दल के केन्द्रीय अध्यक्ष गौतम सागर राणा ने कही। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने भाजपा से नाता तोड़कर एक बेहतर संदेश देने का काम किया है। (नीचे भी पढ़ें व वीडियो देखें)
गौतम सागर राणा ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिपेक्ष्य में आवश्यकता को समझते हुए झारखण्ड जनता दल जद (यू) में विलय करने का निर्णय लिया है । उन्होंने बताया कि आगामी 16 अक्टूबर को जद (यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह एवं अन्य गणमान्य मंत्री व नेता रांची आ रहे हैं जिसमें रांची के कार्निवाल हॉल में दोपहर एक बजे पार्टी के विधिवत विलय की घोषणा की जाएगी, साथ ही एक मिलन समारोह का भी आयोजन किया गया है जिसमें झारखण्ड जनता दल के नेतृत्व में झारखण्ड के सभी जिलों से भारी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सम्मिलित होंगे । विदित हो कि झारखण्ड जनता दल के शिष्टमंडल ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार से मुलाकात की है एवं उन्हें भाजपा से नाता तोड़ने के लिए धन्यवाद दिया है ।





