रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने अधिवक्ता वैभव तोमर के माध्यम से एक पत्र चुनाव आयोग को भेजा है. भारत निर्वाचन आयोग को केस संख्या 3 (जी)/2022 मामले में पत्र भेजकर राज्यपाल झारखंड द्वारा आयोग से मांगे गये दूसरे मंतव्य के पत्र की कॉपी उपलब्ध कराने की मांग की है. अघिवक्ता ने अपने पत्र में झारखंड के राज्यपाल द्वारा इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया को 27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के रायपुर में दिए गये बयान का हवाला दिया है, जिसमें राज्यपाल ने कहा था कि जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग से उपरोक्त मामले में दोबारा मंतव्य मांगा है. अधिवक्ता ने पत्र में अपने पत्र में लिखा है कि उनके मुवक्किल (मुख्यमंत्री हेंमत सोरेन) को निर्वाचन आयोग से इस बारे में कोई जानकरी नहीं मिली है. साथ ही अधिवक्ता ने लिखा है कि भारत के संविधान के अंतर्गत गठित निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संस्थान है और उनके मुवक्किल की बात को निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से सुने बिना राज्यपाल द्वारा आयोग से मांगे गए दूसरे मंतव्य पर राय न दें.



