रांची : झारखंड की राजनीतिक गलियारे में इन दिनों एक नया नाम सुर्खियों में छाया हुआ है, वो नाम है राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन का. हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद जिस प्रकार कल्पना सोरेन ने लोकसभा चुनाव को देखते हुए चुनावी मोर्चा संभाला है उनकी तारीफ हर चौक चौराहे पर हो रही है. कल्पना सोरेन अपनी सभाओं में हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के खिलाफ भाजपा पर निशाना साध रही हैं. वे इन बातों पर भी जोर दे रही हैं कि झारखंड और झारखंडी झुकेगा नहीं. एक राजनीतिक परिवार से जुड़ी होने के कारण कल्पना सोरेन प्रभावी ढंग से सामने आई हैं. हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद जहां कार्यकर्ता मायूस थे वही कल्पना सोरेन के फ्रंट फुट पर आने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह और साहस का संचार हुआ है. (नीचे भी पढ़ें)
51वें स्थापना दिवस के अवसर पर गिरिडीह के झंडा मैदान में कल्पना ने जिस प्रकार अपनी पहली सभा को संबोधित किया. सभा में भावुक होने से लेकर अपने पूरे भाषण के दौरान लोकसभा चुनाव में भाजपा को जवाब देने की समर्थकों से अपील की और कहा कि झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार को एक साजिश के तहत गिराने का प्रयास किया गया. उन्हें झुकाने में वे सफल नहीं हो पाए. हेमंत सोरेन को जेल में डालकर झारखंडियों के स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ किया गया. झारखंडियों के स्वाभिमान व आत्मसम्मान को जेल में डाला है. इसका करारा जवाब मिलेगा. सार्वजनिक राजनीतिक जीवन में आने की घोषणा के साथ उन्होंने भावपूर्ण भाषण दिया. (नीचे भी पढ़ें)
वह चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं के बीच में एक नई ऊर्जा पैदा हुई है. जिस प्रकार कल्पना ने झारखंड मुक्ति मोर्चा की कमान संभाली है उससे यह साबित होता है की भाजपा के लिए इस लोकसभा चुनाव में बढ़ सकती है पड़ेशानी. सूत्रों की माने तो कल्पना सोरेन पार्टी को और मजबूत करने और लोकसभा चुनाव को देखते हुए लगातार पार्टी के वरिष्ठ नेता और पार्टी के विधायकों की भी राय ले रही है. दिल्ली के रामलीला मैदान में लोकतंत्र बचाओ महारैली में भी कल्पना सोरेन शामिल हुई. इस दौरान उन्होंने कहा कि देश की 50 प्रतिशत महिला आबादी और 9 प्रतिशत आदिवासी आबादी की आवाज बनकर आप सभी के समक्ष उपस्थित हुई हूं. देश के जन नेताओं को अकारण जेल में बंद करने वाली तानाशाही ताकतों को हमें मिलकर उखाड़ फेंकना है। कल्पना ने और कहा कि झारखण्ड झुकेगा नहीं,इंडिया झुकेगा नहीं.




