रांची : झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और आजसू में गठबंधन की तैयारी तेज हो गयी है. इसको लेकर कई दौर की वार्ता हो चुकी है. बताया जाता है कि 65 सीट पर भाजपा चुनाव लड़ेगी और आजसू और जनता दल यूनाइटेड में 16 सीटों में बांटा जायेगा. भाजपा ने आजसू को कहा है कि 10 सीटों पर चुनाव लड़ें. लेकिन आजसू 15 सीट का डिमांड कर चुकी है. अंतिम दौर की वार्ता में 12 सीटें आजसू ने जरूर मांगी है. मुख्य जीच भाजपा और आजसू में चंदनकियारी और ईंचागढ़ विधानसभा क्षेत्र को लेकर है. ईंचागढ़ सीट पर आजसू ने मजबूती से दावा किया है और कहा है कि हर हाल में हरेलाल महतो को टिकट दिलाया जाये. लेकिन भाजपा इसके लिए विटो पावर लगा चुकी है कि भाजपा से चूंकि दो बार विधायक उनके रहे है और सांसद रांची में भाजपा के ही जीतते आये है. इस कारण ईंचागढ़ सीट भाजपा नहीं छोड़ना चाहती है. चंदनकियारी से विपक्ष के नेता अमर कुमार बाउरी चुनाव जीतते है और वहीं से विधायक है जबकि आजसू से उमाकांत रजक भी पहले जीते थे, जो राज्य की सरकार में मंत्री थे. लेकिन इस बार आजसू और भाजपा अगर चुनाव मिलकर लड़ेगी तो एक सीट को छोड़ना होगा. विपक्ष के नेता अमर कुमार बाउरी की सीट नहीं बदली जायेगी. (नीचे भी पढ़ें)
भाजपा ने भी इसको लेकर अपना दबाव बना दिया है और साफ कह दिया है कि ईंचागढ़ और चंदनकियारी की सीट वे लोग नहीं देना चाहते है. वहीं, आजसू चाहती है कि हर हाल में उनको ही चुनाव में यह सीट दी जाये. इसको लेकर जीच बरकरार है. जनता दल यूनाइटेड (जदयू) भी इस बार के चुनाव में भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहती है. ऐसे में जनता दल यूनाइटेड को पांच से छह सीट मिल सकता है, जिसमें जमशेदपुर की एक सीट भी शामिल है. हालांकि, जमशेदपुर पूर्वी के लिए ही जनता दल यूनाइटेड ने अपना विटो पावर लगाया है ताकि सरयू राय को ही टिकट दे दी जाये. अगर विषम परिस्थिति होती है तो भाजपा जमशेदपुर पश्चिम में जमशेदपुर पूर्वी का टिकट दे सकती है. फिलहाल, सीटों के बंटवारे को लेकर अभी कई दौर की वार्ता होगी. इस बीच भाजपा जल्द ही उम्मीदवारों की घोषणा कर देना चाहती है. जहां कोई जीच नहीं है, वहां के उम्मीदवारों की पहली सूची इसी माह आने की उम्मीद है. इसको लेकर कवायद की जा चुकी है. चुनाव समिति, चुनाव प्रभारियों समेत आला नेताओं के बीच इसको लेकर अंदरखाने चर्चा हो भी रही है.




