रांची : झारखंड में विधानसभा चुनाव की घोषणा अक्तूबर माह में हो जायेगी. जम्मू कश्मीर और हरियाणा के चुनाव के बाद रिजल्ट की घोषणा के तुरंत बाद महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव कराया जाना है. इसको लेकर तैयारी की जा रही है. भाजपा ने झारखंड में अपनी सरकार बनाने को लेकर ताकत झोंक दी है. आजसू के अलावा भाजपा यहां जनता दल यूनाइटेड और लोजपा के साथ भी गठबंधन कर चुनाव लड़ना चाहती है. बताया जाता है कि भाजपा इस बार आजसू के साथ इन दोनों पार्टियों को भी अपना सीट देने को तैयार है. बताया जाता है कि जनता दल यूनाइटेड को तमाड़ और जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा सीट देने को भाजपा लगभग राजी हो चुकी है. वहीं, आजसू के साथ 9 सीटों पर पूरी तरह सहमति बन चुकी है. आजसू ईंचागढ़ समेत चार सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है. इसको लेकर अहम वार्ता नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की देखरेख में शुक्रवार को होगी. (नीचे भी पढे़ं)
बताया जाता है कि आजसू को बाजपा डुमरी, पाकुड़, सिल्ली, रामगढ़, लोहरदगा, मांडू, सिमरिया, गोमिया और जुगसलाई देने को राजी हो चुकी है. आजसू ईंचागढ़ विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ना चाहती है. वहीं, चंदनकियारी सीट पर भी आजसू चुनाव लड़ना चाहती है, जहां से विपक्ष के नेता अमर बाउरी चुनाव जीतते है. ऐसे में वहां भी पेंच फंसा हुआ है और भाजपा इन दोनों सीटों को देना नहीं चाहती है. इसके अलावा टुंडी और तमाड़ सीट पर भी आजसू ही चुनाव लड़ना चाहती है. इस बार के चुनाव में भाजपा अपनी सहयोगी दलो के साथ ही चुनाव लड़ना चाहती है क्योंकि 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और आजसू अलग अलग चुनाव लड़े थे, जिससे नुकसान दोनों ही पार्टियों को हुई थी. भाजपा ने 79 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें 25 सीटों पर ही भाजपा जीत पायी थी. आजसू ने 53 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन वे लोग दो ही उम्मीदवार जीत पाये थे. बताया जाता है कि भाजपा लोजपा को एक सीट देने को तैयार हो गयी है, जो शिकारीपाड़ा की सीट है, जहां से लोजपा अपना उम्मीदवार उतार सकती है.






